देश में इस समय वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सभी यात्रियों की पसंदीदा ट्रेन बनी हुई हैं। भारतीय रेलवे मौजूदा समय में करीब 52 वंदे भारत एक्सप्रेस चला रहा है। पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा ये ट्रेनें देश के सभी राज्यों को कवर कर रही है। लेकिन अब रेलवे इन सभी ट्रेनों में सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रही है। इससे यात्रियों का काफी हद तक सफर सुरक्षित हो सकेगा। रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सफर के दौरान यात्रियों को सेफ्टी और सिक्योरिटी प्रदान करना भारतीय रेलवे की पहली प्राथमिकता हैं। इसी कड़ी में ट्रेन हादसों को रोकने के लिए कवच 3.2 की जगह कचव 4.0 अप्रूव हुआ है। अब रेलवे ट्रेनों, स्टेशनों और ट्रैक पर कवच 4.0 लगाया जा रहा है। मौजूदा दौर में देश में करीब 52 वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जा रही है। इन सभी वंदे भारत ट्रेनों में कोच 3.2 लगा हुआ है लेकिन कवच 4.0 मंजूर होने के बाद सभी वंदे भारत एक्सप्रेस को अपग्रेड किया जाएगा। इस काम ज्यादा समय नहीं लगेगा। जल्द ही इस दिशा में तेजी से काम शुरू हो जाएगा। रेलवे अब तक 1,465 किमी. ट्रैक पर कवच सिस्टम लगा चुका है। 121 इंजनों पर भी कवच लगाया गया है। आगरा मंडल ने कुछ इंजन और ट्रेन पर परीक्षण करने के लिए मथुरा (स्टेशन को छोड़कर) और पलवल के बीच 80 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर कवच नेटवर्क तैयार कर दिया है।
दरअसल, कचव 4.0 तकनीक पूरी तरह से सुरक्षित है। इसका ट्रायल पहाड़ी इलाकों से लेकर समुद्री तट तक और बर्फबारी वाले इलाकों से लेकर घने जंगलों तक किया जा चुका है। सभी इलाकों में इसका ट्रायल सफल रहने के बाद आरडीएसाओ ने अप्रूवल दे दी है। इसके बाद ही रेलवे मंत्रालय ने दो और रूटों पर लगाने का फैसला किया है। भारतीय रेलवे में 20 हजार के करीब इंजन हैं। हर वर्ष करीब 5 हजार इंजनों पर कचव 4.0 लगाया जाएगा। इस तरह अगले चार साल में सभी इंजन कचव 4.0 से लैस हो जाएंगे। इसके साथ ही, ट्रैक और स्टेशन प्वाइंट पर भी कचव 4.0 लगाया जाएगा। इन तीनों जगह कचव लगने के बाद ट्रेनों में टक्कर होने की संभावना खत्म हो जाएगी।





