नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र आज एक अघोषित युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया। विवाद की जड़ पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) के कुछ अंश हैं, जिन्हें लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जोरदार भिड़ंत हुई। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने किताब के हवाले से ‘अग्निपथ योजना’ को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला, जिसका जवाब देने के लिए खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह को मोर्चा संभालना पड़ा। सदन में स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब दोनों पक्षों के बीच सीधे तौर पर ‘तू-तू मैं-मै’ शुरू हो गई।
राहुल गांधी का प्रहार: “सेना को बिना बताए थोपी गई योजना”
राहुल गांधी ने सदन के पटल पर जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब के उन हिस्सों का जिक्र किया, जिनमें कथित तौर पर यह कहा गया है कि ‘अग्निपथ योजना’ सेना के लिए एक “झटके” की तरह थी।
- सशस्त्र बलों का अपमान: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना सैन्य नेतृत्व की सहमति और चर्चा के अग्निपथ योजना को लागू किया।
- नरवणे का ‘खुलासा’: राहुल ने दावा किया कि किताब के अंशों से साफ है कि तत्कालीन थल सेना प्रमुख भी इस योजना के प्रारूप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे और इसे रक्षा मंत्रालय द्वारा सीधे थोपा गया था।
सत्ता पक्ष का पलटवार: “विपक्ष फैला रहा है भ्रम”
राहुल गांधी के आरोपों पर सरकार की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई:
- राजनाथ सिंह का जवाब: रक्षा मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि सेना के आंतरिक मामलों और पूर्व सैन्य अधिकारियों के व्यक्तिगत विचारों को राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना पर व्यापक परामर्श हुआ था।
- अमित शाह की चुनौती: गृह मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष सेना का मनोबल गिराने का काम कर रहा है। उन्होंने चुनौती दी कि राहुल गांधी सदन में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना बंद करें।
- किताब पर रोक की अटकलें: सरकार ने उन चर्चाओं को भी खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि किताब के प्रकाशन पर सरकार ने ‘सेंसरशिप’ लगाई है।
सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित
जैसे ही राहुल गांधी ने किताब की कुछ पंक्तियों को पढ़ना शुरू किया, सत्ता पक्ष के सांसदों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया।
- नारेबाजी: विपक्षी सांसदों ने “सेना विरोधी सरकार” के नारे लगाए, तो वहीं भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी से माफी की मांग की।
- अध्यक्ष का हस्तक्षेप: लोकसभा अध्यक्ष ने बार-बार सदस्यों से शांत रहने की अपील की, लेकिन गतिरोध न टूटता देख सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
विवादित किताब में क्या है?
जनरल नरवणे की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन इसके कुछ लीक अंशों में ‘अग्निपथ’ योजना की शुरुआत को लेकर कुछ ऐसी बातें कही गई हैं जो सरकार के आधिकारिक बयान से मेल नहीं खातीं। विशेष रूप से भर्ती के नए तरीके और ‘अग्निवीरों’ के भविष्य को लेकर सेना के भीतर की शुरुआती हिचकिचाहट का इसमें जिक्र बताया जा रहा है।
“सरकार को यह बताना चाहिए कि अगर सेना के प्रमुख ही इस योजना से असहज थे, तो इसे देश के युवाओं पर क्यों थोपा गया? यह राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।” — राहुल गांधी, विपक्ष के नेता
“सेना का राजनीतिकरण करना कांग्रेस की पुरानी आदत है। अग्निपथ एक दूरदर्शी योजना है और जनरल नरवणे की किताब के संदर्भों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।” — राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री





