न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अधिक पारदर्शिता बरतने की जोरदार मांग की है। विशेषकर आतंकी संगठनों और व्यक्तियों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया को लेकर भारत ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि सूचीकरण प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप और वीटो आधारित अवरोध के कारण कई खतरनाक आतंकी तत्वों को कार्रवाई से बचने का मौका मिलता है। भारत का मानना है कि सुरक्षा परिषद को नियमों में स्पष्टता लानी चाहिए और प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और तथ्य आधारित बनाना चाहिए।
भारत ने यह भी कहा कि आतंकवाद आज वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट प्रयास करने होंगे। भारत की यह टिप्पणी उन मामलों को इशारा करती है जिनमें प्रस्तावों पर आपत्तियों के चलते कई नाम सूची में नहीं जुड़ पाए।





