नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने श्रीलंकाई सरकार से बदले की राजनीति छोड़ने और देश के पूर्व राष्ट्रपति के साथ गरिमा एवं सम्मानपूर्ण व्यवहार करने की अपील की।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखे पोस्ट में कहा कि विक्रमसिंघे पर लगे आरोप बेहद मामूली हैं और उन्होंने लंबे समय तक श्रीलंका की सेवा की है। “पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी चिंताजनक है। उनकी स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए उन्हें जेल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। मैं इस तथ्य का सम्मान करता हूं कि यह श्रीलंका का आंतरिक मामला है, लेकिन सरकार से आग्रह करता हूं कि वह बदले की राजनीति से ऊपर उठे और विक्रमसिंघे को वह सम्मान दे जिसकी वे हकदार हैं,” थरूर ने कहा।
इससे पहले वरिष्ठ श्रीलंकाई पत्रकार एस. वेंकट नारायण ने भी गिरफ्तारी को ‘हास्यास्पद’ बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर भारत को विक्रमसिंघे को चिकित्सीय मदद प्रदान करनी चाहिए। एएनआई से बातचीत में नारायण ने कहा, “यह बेहद हास्यास्पद है।”
गिरफ्तारी से पहले विक्रमसिंघे ने भी कहा था, “मैंने अपने लिए कभी कुछ नहीं किया। हमेशा देश की सेवा की है। मेरी गिरफ्तारी इस बात का प्रतीक है कि मौजूदा राष्ट्रपति किस तरह का शासन चला रहे हैं।”
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रानिल विक्रमसिंघे को सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने लंदन की एक निजी यात्रा के लिए सरकारी खजाने का इस्तेमाल किया, जहां वे एक विश्वविद्यालय के स्नातक समारोह में शामिल हुए थे।
76 वर्षीय विक्रमसिंघे छह बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। गोटाबाया राजपक्षे के पदच्युत होने के बाद जुलाई 2022 में उन्होंने अंतरिम राष्ट्रपति पद संभाला था। सितंबर 2024 में हुए चुनावों में वे नेशनल पीपुल्स पावर पार्टी के नेता अनुरा कुमारा दिसानायके से पराजित हुए थे।





