नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि उसे ग्रामीण विकास, रोजगार और सांस्कृतिक पहचान तीनों से चिढ़ है। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि कांग्रेस द्वारा शुरू किया गया ‘मनरेगा बचाओ’ आंदोलन दरअसल भ्रष्टाचार को संरक्षण देने की एक कोशिश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए ‘विकसित भारत – जी राम जी’ (VB-G RAM G) कानून से बिचौलियों का खेल खत्म हो गया है, जिससे कांग्रेस बौखला गई है।
“कांग्रेस के डीएनए में भ्रष्टाचार”
शिवराज सिंह चौहान ने तीखे शब्दों में कहा, “कांग्रेस को ग्राम (गांवों का स्वावलंबन), काम (ईमानदारी से रोजगार) और राम (देश की सांस्कृतिक चेतना) तीनों से परेशानी है। भ्रष्टाचार कांग्रेस के डीएनए में है।” उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत मशीनों और ठेकेदारों के जरिए मजदूरों का हक मारा जा रहा था, जिसे नई योजना ने पूरी तरह बंद कर दिया है।
मनरेगा बनाम ‘जी राम जी’ योजना: मुख्य दावे
केंद्रीय मंत्री ने आंकड़ों के साथ नई योजना का बचाव किया और कांग्रेस के दावों को खारिज किया:
- रोजगार की गारंटी: उन्होंने बताया कि जहाँ मनरेगा में 100 दिन का काम मिलता था, वहीं ‘जी राम जी’ योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
- भ्रष्टाचार पर प्रहार: चौहान ने दावा किया कि सोशल ऑडिट में 10 लाख से ज्यादा शिकायतें मिली थीं, जहाँ एक ही सड़क को तीन बार बनाया गया दिखाया गया था और 80 साल के बुजुर्गों के नाम पर फर्जी मजदूरी निकाली जा रही थी।
- विकेंद्रीकरण: अब काम का फैसला दिल्ली से नहीं बल्कि सीधे ग्राम सभा और ग्राम पंचायत द्वारा लिया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता बढ़ेगी।
- मजदूरी में देरी पर जुर्माना: यदि मजदूरी के भुगतान में देरी होती है, तो अब सरकार को अतिरिक्त मुआवजा देना होगा।
“आरोप लगाओ और भाग जाओ”
कांग्रेस के ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को ‘झूठ की फैक्ट्री’ बताते हुए शिवराज सिंह ने सवाल उठाया कि जब संसद में इस बिल पर चर्चा हो रही थी, तब राहुल गांधी और नेता प्रतिपक्ष सदन से क्यों नदारद थे? उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम केवल भ्रम फैलाना और अफवाहों का बाजार गर्म करना है, जबकि धरातल पर मोदी सरकार मजदूरों के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
बीजेपी का जन-जागरण अभियान
कांग्रेस के आंदोलन के जवाब में भारतीय जनता पार्टी ने भी देशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत बीजेपी कार्यकर्ता बूथ स्तर पर जाकर लोगों को ‘जी राम जी’ कानून के फायदों और मनरेगा की कमियों के बारे में जागरूक करेंगे।
क्या है ‘जी राम जी’ योजना? यह ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ का संक्षिप्त नाम है, जिसे 18 दिसंबर 2025 को संसद की मंजूरी मिली थी। यह 20 साल पुराने मनरेगा का स्थान ले रहा है।





