हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार के एक सरकारी स्कूल से मानवता और शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ स्कूल प्रबंधन द्वारा मासूम छात्राओं से कथित तौर पर शौचालय साफ कराने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में स्कूली छात्राएं हाथों में झाड़ू और पानी की बाल्टी लिए टॉयलेट की सफाई करती नजर आ रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल संज्ञान लिया है और जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से खुला राज
यह घटना हरिद्वार जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की बताई जा रही है:
- वायरल वीडियो: वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि स्कूल की यूनिफॉर्म पहने कुछ छात्राएं शौचालय की गंदगी साफ कर रही हैं। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के पूछने पर छात्राओं ने बताया कि उन्हें स्कूल के शिक्षकों ने यह काम करने के लिए कहा है।
- अभिभावकों में आक्रोश: वीडियो सामने आने के बाद छात्राओं के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में स्कूल प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी है। अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजते हैं, सफाई कर्मचारी का काम करने के लिए नहीं।
शिक्षा विभाग का एक्शन: 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट
वीडियो के व्यापक प्रसार और जन-आक्रोश के बाद जिला शिक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है:
- जांच कमेटी का गठन: जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को तत्काल स्कूल जाकर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम छात्राओं, शिक्षकों और प्रधानाध्यापक के बयान दर्ज करेगी।
- दोषियों पर गिरेगी गाज: विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों और प्रधानाध्यापक के खिलाफ निलंबन (Suspension) सहित सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन: बच्चों से इस तरह का श्रम कराना न केवल अनैतिक है बल्कि बाल अधिकारों और शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम का भी स्पष्ट उल्लंघन है।
प्रशासनिक रुख और बचाव
हालांकि अभी स्कूल प्रशासन का पक्ष स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन कुछ सूत्रों का कहना है कि स्कूल में सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण अक्सर बच्चों को ही सफाई कार्यों में लगा दिया जाता है। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या यह पहली बार हुआ है या स्कूल में यह नियमित प्रथा बन चुकी थी।





