Sunday, February 15, 2026

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शताब्दी वर्ष में चार बड़े अभियानों से देशव्यापी संपर्क साधेगा आरएसएस प्रांत प्रचारक बैठक में तैयार हुई कार्ययोजना, विजयदशमी से होगी शुरुआत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर चार प्रमुख अभियानों—घर-घर संपर्क, हिंदू सम्मेलन, नागरिक गोष्ठियां, और सामाजिक सद्भाव बैठकें—के माध्यम से राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान चलाने जा रहा है। इसका उद्देश्य राष्ट्रवाद की भावना को प्रोत्साहित करना, हिंदुत्व आधारित विचारों को घर-घर पहुंचाना और समाज में सामाजिक समरसता को मजबूत करना है।

संघ की इस व्यापक योजना का खाका राजधानी दिल्ली स्थित केशवकुंज में सम्पन्न तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में तैयार किया गया। संघ के प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने बताया कि बैठक में शताब्दी वर्ष के आयोजनों, संघ के विस्तार और विभिन्न प्रांतों की परिस्थितियों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

हर मंडल और बस्ती तक पहुंचेगा अभियान
संघ का प्रयास है कि यह कार्यक्रम केवल शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि हर मंडल, बस्ती और सामाजिक वर्ग तक पहुंचें। इन अभियानों के ज़रिए संघ, सामाजिक और भौगोलिक विविधता वाले समूहों के बीच संवाद और संपर्क स्थापित करने की दिशा में काम करेगा।

विजयदशमी से होगी शुरुआत
शताब्दी वर्ष की शुरुआत विजयदशमी (2025) से होगी, जिसे जोश और भव्यता के साथ मनाने की तैयारी है। अंबेकर ने बताया कि विजयदशमी उत्सव के दौरान क्षेत्रीय प्रबुद्ध जनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा ताकि कार्यक्रम अधिक समावेशी और सर्वस्पर्शी बन सके।

भाषा पर स्पष्ट रुख
देश में जारी भाषा विवाद के संदर्भ में संघ ने फिर दोहराया कि वह सभी भारतीय भाषाओं को राष्ट्रीय भाषा मानता है। अंबेकर ने कहा, “हर भाषा का अपना महत्व है और हम मानते हैं कि प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में होनी चाहिए। यह संघ का पहले से स्पष्ट और स्थापित मत है।”

मणिपुर पर चर्चा, संपर्क में संघ
बैठक में मणिपुर की संवेदनशील स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अंबेकर ने बताया कि संघ मैतई और कुकी समुदायों के बीच संपर्क में है और वहां सकारात्मक संवाद की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, स्थिति सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।

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