चुनाव आयोग ने सोमवार को स्पष्ट किया कि बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर रह गए लोग अपने नाम फिर से शामिल कराने के लिए आधार कार्ड की प्रति जमा कर सकते हैं।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह पहचान प्रमाण के रूप में आधार कार्ड को स्वीकार करे। आयोग ने कहा कि नियमों के मुताबिक पात्रता दस्तावेज की जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) दावे और आपत्तियों का निपटारा करेंगे। यह प्रक्रिया कम से कम सात दिन की अवधि के बाद पूरी की जाएगी।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) आदेशों के तहत, एक अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची से किसी भी मतदाता का नाम बिना जांच और उचित अवसर दिए नहीं हटाया जा सकता।
बिहार में इस बार करीब 65 लाख लोग ड्राफ्ट सूची से बाहर रह गए हैं। इनकी पूरी सूची संबंधित जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों की वेबसाइटों पर उपलब्ध है। प्रभावित व्यक्ति अपने दावों के साथ आधार कार्ड की प्रति जमा कराकर अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं।





