भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय जनता को शुभकामनाएं दीं और भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका मिलकर आधुनिक वैश्विक चुनौतियों का सामना करेंगे।
रुबियो ने कहा—
“दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र (भारत) और सबसे पुराने लोकतंत्र (अमेरिका) के बीच का संबंध न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि बेहद महत्वपूर्ण भी। मिलकर काम करते हुए दोनों देश आज की जटिल और बदलती वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम होंगे।”
उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को अधिक शांतिपूर्ण, समृद्ध और सुरक्षित बनाने की साझा दृष्टि पर जोर दिया। उनके मुताबिक, भारत-अमेरिका साझेदारी उद्योग जगत, नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकियों और अंतरिक्ष क्षेत्र तक फैली हुई है। यह सहयोग केवल आर्थिक या तकनीकी क्षेत्रों तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा के लिए भी अहम है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभाव
रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका, दोनों, लोकतांत्रिक मूल्यों, नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था और आपसी सहयोग की वकालत करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी और गहरी होगी और पूरी दुनिया को लाभ देगी।
लाल किले से पीएम मोदी का संदेश
उधर, स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें किसी और की लकीर छोटी करने में ऊर्जा नहीं लगानी, बल्कि अपनी लकीर लंबी करनी है, तभी पूरी दुनिया हमारा लोहा मानेगी।
मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से ‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा





