वाटर कूलर कार्य पूर्ण होने के बाद भुगतान की एवज में मांगी जा रही थी नगदी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पर भी रिश्वत मांगने का आरोप
रुद्रपुर। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जसपुर ब्लॉक के कनिष्ठ अभियंता (जेई) विवेक कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम जेई को अपने साथ हल्द्वानी ले गई। विजिलेंस विभाग के मुताबिक एक पंजीकृत ठेकेदार ने टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जसपुर ब्लॉक में वाटर कूलर लगाने का कार्य पूरा होने के बावजूद भुगतान जारी करने के लिए कनिष्ठ अभियंता विवेक कुमार ने 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। वहीं, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर ने भी इसी कार्य के भुगतान के एवज में 12 हजार रुपये रिश्वत मांगे थे। शिकायत प्राप्त होने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराई। जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक विजिलेंस हल्द्वानी के निर्देशन में निरीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। टीम ने पूरी योजना के तहत कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर भेजा। जैसे ही जेई विवेक कुमार ने 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, सतर्कता टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
सतर्कता अधिष्ठान ने बताया कि इस मामले में दूसरे आरोपी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर के विरुद्ध भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।सतर्कता विभाग ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक जेई के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की भूमिका की जांच की जा रही। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है या भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई जानकारी हो तो उसकी सूचना सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।





