Sunday, February 15, 2026

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वंदे भारत स्लीपर में स्वाद का नया तड़का: हावड़ा-कामाख्या रूट पर जल्द मिलेगा मांसाहारी भोजन; यात्रियों की मांग पर रेलवे का बड़ा फैसला

कोलकाता/गुवाहाटी: भारतीय रेलवे ने अपनी प्रीमियम ट्रेन सेवा हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर के यात्रियों को बड़ी सौगात दी है। रेलवे बोर्ड ने इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों में अब मांसाहारी भोजन (Non-Veg Food) परोसने का निर्णय लिया है। वर्तमान में इस श्रेणी की ट्रेनों में केवल शाकाहारी भोजन ही उपलब्ध था, लेकिन यात्रियों के फीडबैक और क्षेत्रीय खान-पान की प्राथमिकताओं को देखते हुए आईआरसीटीसी (IRCTC) ने अपने मेन्यू में यह बदलाव करने का फैसला किया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस निर्णय के पीछे मुख्य रूप से ‘यात्री अनुभव’ और ‘सांस्कृतिक प्राथमिकताएं’ शामिल हैं:

  • यात्रियों की भारी मांग: हावड़ा (पश्चिम बंगाल) और कामाख्या (असम) के बीच यात्रा करने वाले अधिकांश यात्रियों ने फीडबैक के जरिए मांसाहारी भोजन, विशेषकर मछली और चिकन करी की मांग की थी।
  • लंबा सफर और क्षेत्रीय स्वाद: चूंकि यह एक स्लीपर ट्रेन है और लंबी दूरी तय करती है, इसलिए यात्रियों ने रात के भोजन में अपनी पसंद के अनुसार प्रोटीन-युक्त मांसाहारी विकल्प की आवश्यकता जताई थी।

मेन्यू में क्या होगा खास?

रेलवे सूत्रों के अनुसार, मेन्यू को स्थानीय स्वादों के अनुसार तैयार किया जा रहा है:

  1. बंगाली और असमिया व्यंजन: खाने में मछली (Fish Curry), चिकन और स्थानीय मसालों से बने व्यंजनों को शामिल किया जाएगा।
  2. गुणवत्ता और स्वच्छता: आईआरसीटीसी ने स्पष्ट किया है कि मांसाहारी भोजन को तैयार करने और उसे परोसने के लिए अलग बर्तनों और सख्त स्वच्छता मानकों (Strict Hygiene Standards) का पालन किया जाएगा ताकि शाकाहारी यात्रियों को कोई असुविधा न हो।

स्लीपर वंदे भारत की खासियत

बता दें कि हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर भारत की उन आधुनिक ट्रेनों में से एक है, जो हवाई जहाज जैसे अनुभव के साथ लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाती है।

  • इसमें एर्गोनोमिक कुशनिंग, बेहतर लाइटिंग और शांत यात्रा के लिए ‘नॉइज इंसुलेशन’ जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
  • अब मांसाहारी भोजन के शामिल होने से इस ट्रेन की लोकप्रियता और बुकिंग में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

अन्य ट्रेनों पर भी पड़ सकता है असर

हावड़ा-कामाख्या रूट पर शुरू किया गया यह बदलाव एक ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के तौर पर देखा जा रहा है। यदि यह सफल रहता है और सकारात्मक फीडबैक मिलता है, तो देश के अन्य हिस्सों (विशेषकर दक्षिण और पूर्वी भारत) में चलने वाली अन्य वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में भी मांसाहारी भोजन का विकल्प दिया जा सकता है।

कब से शुरू होगी सेवा?

आईआरसीटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि कैटरिंग वेंडर्स को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले माह के पहले सप्ताह से यात्री टिकट बुकिंग के समय ही अपना भोजन विकल्प (Veg/Non-Veg) चुन सकेंगे।

“हमारा लक्ष्य यात्रियों को घर जैसा स्वाद और उनकी पसंद का भोजन उपलब्ध कराना है। पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में खान-पान की विशिष्ट आदतों को देखते हुए मांसाहारी भोजन का विकल्प जोड़ा गया है।” — प्रवक्ता, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे

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