तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी। देश के दो प्रमुख राज्यों, असम और केरल सहित केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में आज विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई है। तीनों ही क्षेत्रों में एक ही चरण में सभी सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग से प्राप्त शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सुबह के पहले दो घंटों में मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया है, जिसमें असम अब तक की वोटिंग प्रतिशत में सबसे आगे चल रहा है।
वोटिंग का गणित: असम में सबसे तेज रफ्तार
आज सुबह 7:00 बजे जैसे ही मतदान केंद्रों के कपाट खुले, लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
- असम: राज्य की सभी 126 सीटों पर मतदान जारी है। सुबह नौ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, असम में 17 प्रतिशत से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं।
- केरल और पुदुचेरी: केरल की 140 और पुदुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर भी मतदान सुचारू रूप से चल रहा है। यहां भी मतदान का ग्राफ तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है।
केरल में दिग्गजों की दस्तक: सुबह-सुबह बूथों पर पहुँचे सितारे और नेता
केरल में मतदान के पहले ही घंटे में कई बड़ी हस्तियों ने कतार में लगकर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
- सुपरस्टार मोहनलाल: मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल सुबह 6:45 बजे ही नेमोम निर्वाचन क्षेत्र के एक बूथ पर आम नागरिक की तरह कतार में खड़े नजर आए।
- सुरेश गोपी: केंद्रीय मंत्री और पूर्व अभिनेता सुरेश गोपी सबसे पहले वोट डालने वाले दिग्गजों में शामिल रहे; उन्होंने सुबह 6:30 बजे गुरुवायूर में अपना वोट डाला।
- राजनीतिक नेतृत्व: मुख्यमंत्री पी. विजयन ने सुबह-सुबह अपने पैतृक गांव में मतदान किया। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने भी अपने परिवारों के साथ पहुँचकर मतदान किया और लोगों से भारी संख्या में वोट डालने की अपील की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और तकनीक का प्रयोग
निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर व्यापक व्यवस्था की है।
- अर्धसैनिक बलों की तैनाती: संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है, जबकि सभी मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी की जा रही है।
- युवा और बुजुर्ग मतदाता: मतदान केंद्रों पर पहली बार वोट देने वाले युवाओं और व्हीलचेयर पर आने वाले बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन ने बुजुर्गों के लिए अलग लाइनों और स्वयंसेवकों की व्यवस्था की है।





