Thursday, February 5, 2026

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‘लखपति दीदी’ योजना से संवरी उत्तराखंड की नारी शक्ति: ढाई लाख से अधिक महिलाओं ने पार किया ₹1 लाख की सालाना आय का आंकड़ा; सशक्तिकरण की नई मिसाल

देहरादून: उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी योजना’ राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की एक नई पटकथा लिख रही है। हाल ही में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से अब तक 2.5 लाख से अधिक महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये के पार पहुंच गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन ‘सशक्त महिला, सशक्त प्रदेश’ के तहत शुरू की गई इस योजना ने न केवल ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारा है, बल्कि उन्हें एक सफल उद्यमी के रूप में भी नई पहचान दी है।

स्वयं सहायता समूहों (SHG) का मिला सहारा

योजना की सफलता के पीछे महिलाओं के आपसी सहयोग और सरकारी प्रशिक्षण का बड़ा हाथ है:

  • कौशल विकास: महिलाओं को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मशरूम उत्पादन, मौन पालन (मधुमक्खी पालन), हस्तशिल्प और डेयरी उत्पादों जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
  • वित्तीय सहायता: ‘लखपति दीदी’ बनने की राह में सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आसान ऋण (Interest-free or low-interest loans) और बाजार उपलब्ध कराया है।
  • डिजिटल साक्षरता: महिलाओं को डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग से भी जोड़ा गया है, जिससे वे अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुँचा पा रही हैं।

आंकड़ों में सफलता की कहानी

सरकार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट राज्य के विकास में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है:

  1. ढाई लाख का मील का पत्थर: शुरुआती लक्ष्य से कहीं आगे निकलते हुए, ढाई लाख से अधिक दीदियों ने अपनी मेहनत से ‘लखपति’ की श्रेणी में स्थान बनाया है।
  2. स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा: इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए ‘वोकल फॉर लोकल’ उत्पादों (जैसे पहाड़ी दालें, मसाले और ऐंपण कला) की मांग अब बाहरी राज्यों में भी बढ़ रही है।
  3. ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार: महिलाओं की आय बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति (Purchasing Power) बढ़ी है, जिससे स्थानीय बाजार मजबूत हुए हैं।

मुख्यमंत्री का विजन: 2025 तक का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष (2025) तक सरकार ने सवा लाख महिलाओं को लखपति बनाने का जो प्रारंभिक लक्ष्य रखा था, उसे योजना की लोकप्रियता और महिलाओं के उत्साह ने समय से पहले ही पार करने में मदद की है।

“हमारी माताएं और बहनें उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ‘लखपति दीदी योजना’ ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है। अब वे केवल परिवार चलाने वाली नहीं, बल्कि परिवार को आर्थिक मजबूती देने वाली लीडर बन गई हैं।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

भविष्य की योजना: ‘हाउस ऑफ हिमालय’ से जुड़ाव

सरकार अब इन लखपति दीदियों के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालय’ ब्रांड के तहत ब्रांडिंग कर रही है। इससे आने वाले समय में इन महिलाओं की आय में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है।

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