Sunday, November 30, 2025

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रेयर अर्थ एलिमेंट्स में आत्मनिर्भरता की जरूरत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जोर – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बताया बड़ा अवसर

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश को रेयर अर्थ एलिमेंट्स (दुर्लभ धात्विक खनिज) के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि इन खनिजों पर आधारित उद्योग भविष्य की प्रौद्योगिकी और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे में भारत को इस क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करते हुए अपनी घरेलू क्षमताओं को बढ़ाना होगा।
राष्ट्रपति ने शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि रेयर अर्थ एलिमेंट्स का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण, नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरियों और एयरोस्पेस उद्योग जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है। इस कारण इनका उत्पादन और प्रसंस्करण राष्ट्रीय रणनीति के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगाह किया कि यदि इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल नहीं की गई तो आने वाले समय में भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पीछे छूटने का खतरा रहेगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बताया विकास का साधन
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य सेवा, कृषि, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। भारत की युवा प्रतिभा और नवाचार क्षमता को देखते हुए यह क्षेत्र देश को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व दिलाने में सहायक हो सकता है।
राष्ट्रपति ने इस बात पर संतोष जताया कि देश में एआई आधारित शोध और स्टार्टअप्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार और पारदर्शी तरीके से एआई का इस्तेमाल सुनिश्चित करने की जरूरत है, ताकि यह मानवता के लिए कल्याणकारी साबित हो।
नवाचार और अनुसंधान पर जोर
राष्ट्रपति ने उच्च शिक्षण संस्थानों और अनुसंधान केंद्रों से आग्रह किया कि वे रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज, खनन और परिष्करण की नई तकनीकों पर काम करें। साथ ही एआई के क्षेत्र में भी स्वदेशी समाधान विकसित करें। उन्होंने कहा कि “भारत तभी आत्मनिर्भर बनेगा जब हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी के हर उस क्षेत्र में मजबूत होंगे, जो भविष्य की दुनिया को दिशा देने वाले हैं।”
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति ने उद्योग, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं से आह्वान किया कि वे मिलकर ऐसी रणनीति तैयार करें जिससे भारत रेयर अर्थ एलिमेंट्स और एआई दोनों क्षेत्रों में अग्रणी बन सके।

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