Friday, February 6, 2026

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रूस के टॉप इंटेलिजेंस अफसर पर जानलेवा हमला: मॉस्को की सड़कों पर बरसाईं गोलियां; पुतिन के करीबी अधिकारियों में हड़कंप

मॉस्को: रूस की राजधानी मॉस्को के सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। रूस की प्रमुख खुफिया एजेंसी (संभवतः GRU या FSB) के एक वरिष्ठ अधिकारी की कार को निशाना बनाकर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने बेहद करीब से अधिकारी की गाड़ी पर गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। इस हमले में अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्रेमलिन के करीब हुए इस हमले ने रूस की आंतरिक सुरक्षा और हाई-प्रोफाइल अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हमले का विवरण: फिल्मी अंदाज में घेरी गई कार

शुरुआती जांच और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला पूरी तरह सुनियोजित (Targeted Assassination Attempt) लग रहा है:

  • घात लगाकर हमला: हमलावरों को अधिकारी के रूट की सटीक जानकारी थी। जैसे ही अधिकारी की काली एसयूवी (SUV) एक ट्रैफिक सिग्नल या मोड़ पर धीमी हुई, मोटरसाइकिल या पास खड़ी कार से निकले शूटरों ने फायरिंग शुरू कर दी।
  • सटीक निशाना: गाड़ी के शीशों और ड्राइवर साइड के दरवाजे पर गोलियों के कई निशान पाए गए हैं। हमलावरों ने साइलेंसर लगे हथियारों का इस्तेमाल किया या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
  • सुरक्षा घेरा: हमले के तुरंत बाद मॉस्को पुलिस और विशेष सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और ‘साइरन’ ऑपरेशन (संदिग्धों की धरपकड़ का अभियान) शुरू किया।

कौन हैं ये अधिकारी और क्यों थे निशाने पर?

हालांकि रूसी प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अधिकारी के नाम का खुलासा नहीं किया है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे बड़े कारण हो सकते हैं:

  1. यूक्रेन युद्ध से जुड़ाव: माना जा रहा है कि निशाना बनाए गए अफसर यूक्रेन में चल रहे विशेष सैन्य अभियान या विदेशी खुफिया ऑपरेशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
  2. आंतरिक कलह या बाहरी साजिश: रूसी सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह यूक्रेन की खुफिया सेवा (SBU) का काम है या इसके पीछे कोई आंतरिक सत्ता संघर्ष है।
  3. महत्वपूर्ण दस्तावेजों का एक्सेस: यह अधिकारी रूस की रणनीतिक योजनाओं और संवेदनशील सूचनाओं के रखवाले माने जाते थे।

रूस की प्रतिक्रिया: ‘दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे’

हमले के बाद रूस की जांच समिति (Investigative Committee) ने आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है:

  • सीसीटीवी फुटेज: मॉस्को की सड़कों पर लगे हाई-टेक कैमरों के जरिए हमलावरों की पहचान की जा रही है।
  • बॉर्डर पर अलर्ट: मॉस्को से बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि हमलावर देश से बाहर न भाग सकें।

निष्कर्ष: मॉस्को में बढ़ता असुरक्षा का माहौल

पिछले कुछ महीनों में मॉस्को में रशियन मिलिट्री ब्लॉगर्स और अधिकारियों पर हमलों की घटनाओं में इजाफा हुआ है। इस ताजा हमले ने यह साबित कर दिया है कि युद्ध की तपिश अब रूस के सुरक्षित समझे जाने वाले केंद्रों तक पहुँच चुकी है। क्रेमलिन इस घटना को बड़ी चुनौती के रूप में देख रहा है।

“यह हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि रूस के सुरक्षा ढांचे पर प्रहार है। हम इसके पीछे छिपे मास्टरमाइंड तक जरूर पहुँचेंगे और उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा।” — रूसी सुरक्षा प्रवक्ता

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