रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार देर रात रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई और 35 से अधिक घायल हो गए। हमले के बाद शहर के कई हिस्सों में भीषण आग लग गई और बहुमंजिला इमारतें धुएँ से घिर गईं।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, रूसी बलों ने कीव को निशाना बनाते हुए दर्जनों मिसाइल दागीं, जिनमें से कई को यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया। लेकिन कुछ मिसाइलें आवासीय क्षेत्रों और वाणिज्यिक इमारतों पर आकर गिरीं, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। कीव के मध्य और उत्तरी हिस्सों में धमाकों की आवाज रातभर सुनाई देती रही।
आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। कई इमारतों में आग लगने और ढांचों के क्षतिग्रस्त होने के कारण फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमों को घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए भारी मशीनरी का सहारा लिया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
यूक्रेन के अधिकारियों ने इस हमले को नागरिक आबादी को डराने की सोची-समझी रणनीति बताया है। राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस का यह हमला युद्ध को और लंबा खींचने और मासूम लोगों को निशाना बनाने का प्रमाण है। कीव प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में अस्थायी आश्रय केंद्र स्थापित किए हैं।
दूसरी ओर, रूस ने अपने सैन्य बयान में दावा किया कि वह यूक्रेन की रक्षा और ऊर्जा संरचनाओं को निशाना बना रहा है। हालांकि, कीव में हुए ताज़ा हमले ने एक बार फिर नागरिक इलाकों को होने वाले बड़े नुकसान और मानवीय संकट को उजागर कर दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि सर्दियों के आगमन से पहले रूस द्वारा की गई यह आक्रामक कार्रवाई आने वाले दिनों में स्थिति को और तनावपूर्ण बना सकती है। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली लगातार सक्रिय है, पर हमलों की तीव्रता को देखते हुए चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं।





