रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर): उत्तराखंड के रुद्रपुर में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय पुलिस टीम पर पथराव करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए पुलिस ने 5 महिलाओं समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
घटना का विवरण: दबिश के दौरान हुआ पथराव
- नशा तस्करों की घेराबंदी: यह घटना उस समय हुई जब पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम सूचना के आधार पर स्मैक तस्करी के आरोपियों को पकड़ने के लिए क्षेत्र में दबिश देने पहुंची थी।
- अचानक हमला: जैसे ही पुलिस ने तस्करों को हिरासत में लेने का प्रयास किया, वहां मौजूद स्थानीय लोगों और महिलाओं ने पुलिस टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और पुलिस कर्मियों पर पत्थरों से हमला बोल दिया।
- पुलिस की जवाबी कार्रवाई: हमले में कुछ पुलिस कर्मियों को चोटें आई हैं। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया, जिसके बाद उपद्रवी मौके से फरार हो गए।
FIR और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 10 गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
- धाराओं का विवरण: आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवक पर हमला करने, दंगा भड़काने और जानलेवा हमले की कोशिश जैसी धाराओं (307, 332, 353 आदि के समकक्ष) के तहत केस दर्ज हुआ है।
- आरोपियों की पहचान: एफआईआर में 5 महिलाओं और 5 पुरुषों को नामजद किया गया है। पुलिस वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर अन्य अज्ञात पत्थरबाजों की भी पहचान कर रही है।
- गिरफ्तारी के लिए दबिश: एसएसपी ऊधमसिंह नगर ने निर्देश दिए हैं कि सभी नामजद आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
क्षेत्र में पुलिस का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के माध्यम से पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध और अपराधियों का संरक्षण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। रुद्रपुर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
पुलिस का बयान: “पुलिस टीम पर हमला करना सीधे तौर पर कानून को चुनौती देना है। महिलाओं की आड़ में अपराध करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।”





