रुद्रपुर: ऊधमसिंह नगर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने किच्छा क्षेत्र में एक कार सवार युवक को भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल और हजारों रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी बरेली से नशीली दवाओं की खेप लाकर इलाके में सप्लाई करने की फिराक में था।
चैकिंग के दौरान आदित्य चौक पर पकड़ा गया आरोपी
नशे के सौदागरों पर नकेल कसने के लिए पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम सक्रिय थी:
- सघन चेकिंग अभियान: रविवार को किच्छा कोतवाली पुलिस और एएनटीएफ की टीम आदित्य चौक के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी।
- संदीग्ध कार को रोका: चेकिंग के दौरान पुलिस ने दरऊ चौराहे पर एक कार को रुकने का इशारा किया।
- आरोपी की पहचान: कार चालक ने पूछताछ में अपना नाम मोहम्मद शाहबाज बताया, जो वार्ड नंबर 19, रजा मस्जिद के पास, सिरौलीकला का निवासी है।
तलाशी में नशीले कैप्सूल और भारी नकदी बरामद
जब पुलिस टीम ने संदिग्ध कार की गहनता से तलाशी ली, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए:
- कैप्सूल की बड़ी खेप: कार के भीतर से 25 डिब्बे बरामद हुए, जिनमें कुल 6,000 नशीले कैप्सूल रखे गए थे।
- नकदी की बरामदगी: कार की डैशबोर्ड की तलाशी लेने पर पुलिस को ₹51,000 की नकदी भी मिली, जिसे ड्रग मनी माना जा रहा है।
बरेली से जुड़ा है तस्करी का नेटवर्क
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने नशीली दवाओं के इस अवैध कारोबार के पीछे के नेटवर्क का खुलासा किया है:
- भाई की संलिप्तता: अभियुक्त शाहबाज ने बताया कि बरामद किए गए नशीले कैप्सूल उसे उसके भाई रईस अहमद ने दिए थे।
- बरेली कनेक्शन: पूछताछ में यह भी सामने आया कि दवाओं की यह खेप उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से मंगाई गई थी।
पुलिस की आगामी रणनीति
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि पुलिस अब आरोपी के भाई रईस अहमद की तलाश में जुट गई है। साथ ही, इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं और बरेली में बैठे सप्लायरों तक पहुँचने के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी इससे पहले कितनी बार और किन-किन इलाकों में नशे की खेप पहुँचा चुका है।





