देहरादून/राज्य ब्यूरो: राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। देहरादून में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संन्यासी नहीं, बल्कि एक युगदृष्टा थे, जिन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महानता को पुनर्स्थापित किया। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र की असली शक्ति बताते हुए आह्वान किया कि वे स्वामी जी के आदर्शों पर चलते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
सांस्कृतिक चेतना और वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के शिकागो व्याख्यान को याद करते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला:
- भारत का गौरव: सीएम धामी ने कहा कि जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था, तब स्वामी विवेकानंद ने विश्व को भारत के समृद्ध दर्शन और ज्ञान से परिचित कराया।
- सांस्कृतिक पुनर्जागरण: उन्होंने बताया कि स्वामी जी के विचारों ने देशवासियों के भीतर सोए हुए आत्मविश्वास को जगाया और उन्हें अपनी जड़ों पर गर्व करना सिखाया।
युवा शक्ति के लिए सीएम का मंत्र
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध सूत्र ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए’ का उल्लेख किया:
- राष्ट्र प्रथम की भावना: धामी ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा का उपयोग केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के व्यापक उद्देश्यों के लिए करें।
- आत्मनिर्भर उत्तराखंड: उन्होंने कहा कि राज्य के युवा स्वरोजगार और नवाचार (Innovation) के माध्यम से उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने में योगदान दे सकते हैं।
- चरित्र निर्माण: मुख्यमंत्री के अनुसार, तकनीक के इस युग में युवाओं को अपनी नैतिकता और चरित्र को भी सुदृढ़ बनाए रखना चाहिए।
सरकार की युवा कल्याण योजनाएं
इस अवसर पर सीएम धामी ने युवाओं के हित में राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का भी विवरण दिया:
- नकल विरोधी कानून: उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे कठोर ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया है, ताकि प्रतिभा को उसका सही हक मिल सके।
- खेल और रोजगार: सरकार खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए खेल अकादमियों और कौशल विकास केंद्रों का विस्तार कर रही है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही अवसर मिल सकें।
निष्कर्ष: विकसित भारत का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज पुन: विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है और इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं की है। उन्होंने युवाओं से नशा मुक्त देवभूमि बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी काम करने का संकल्प लेने को कहा।





