रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र में ई-रिक्शा के अचानक चलते-चलते बंद होने और मोबाइल ब्लूटूथ के जरिए उसे “हैक” करने के दावों से हड़कंप मच गया है। इस मामले में सामने आए तकनीकी पहलू ने पुलिस और प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की है कि उनके वाहन बिना किसी तकनीकी खराबी के अचानक बीच रास्ते में बंद हो जा रहे हैं। आरोप है कि मोबाइल फोन में मौजूद ब्लूटूथ आधारित ऐप या सिस्टम के जरिए किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा ई-रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट यूनिट को एक्सेस कर वाहन को रोक दिया जा रहा है।
चालकों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के बाद कुछ लोग मौके पर पहुंचकर खुद को तकनीकी विशेषज्ञ बताकर ई-रिक्शा को दोबारा चालू करने का दावा करते हैं और इसके बदले पैसे वसूलते हैं। इससे चालक वर्ग में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय स्तर पर सामने आए इन मामलों के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वास्तव में किसी मोबाइल एप या ब्लूटूथ सिस्टम के जरिए ई-रिक्शा को नियंत्रित या बंद किया जा सकता है, या यह किसी प्रकार की साइबर ठगी का मामला है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आधुनिक ई-रिक्शा में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) ब्लूटूथ से जुड़ा हो सकता है, जिसे बिना उचित सुरक्षा के एक्सेस करना संभव हो सकता है। हालांकि, इस तरह के सिस्टम का दुरुपयोग गंभीर साइबर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है।
पुलिस ने ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि यदि उनके वाहन अचानक बंद हो जाएं तो वे किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न दें और तुरंत संबंधित कंपनी या अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करें।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या यह किसी संगठित गिरोह या साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ा हुआ मामला है।





