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राजस्थान में दिल्ली के घी और पंजाब की मिर्च की बिक्री पर रोक, नौ प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

जयपुर, 3 सितंबर। राजस्थान में मिलावट और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रयोगशाला जांच में असुरक्षित पाए गए खाद्य उत्पादों की बिक्री और आपूर्ति पर राज्यभर में रोक लगा दी गई है। इनमें दिल्ली में निर्मित घी और पंजाब में बना मिर्च पाउडर भी शामिल है।

विभाग ने अगस्त में प्रदेश के विभिन्न जिलों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई थी। राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट में पांच पैकेज्ड खाद्य उत्पाद असुरक्षित पाए गए। इनमें नंदी ब्रांड का गाय का घी, केडीपी डेयरी-कृष्णा और केडीपी डेयरी-सारस ब्रांड का घी तथा जीएस गोल्ड ब्रांड लाल मिर्च पाउडर शामिल हैं। कृष्णा और सारस ब्रांड के घी का निर्माण उत्तर-पश्चिम दिल्ली में, जबकि जीएस गोल्ड लाल मिर्च पाउडर का निर्माण पंजाब में हुआ था।

असुरक्षित खाद्य पदार्थों के नमूने मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने नौ खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इसके अलावा बिना लाइसेंस कारोबार करने वाले तीन प्रतिष्ठानों के पंजीकरण भी निरस्त किए गए हैं। विभाग ने संबंधित उत्पादों की बिक्री, आपूर्ति और बाजार में प्रदर्शन पर रोक लगाने की कार्रवाई की है।

राजस्थान सरकार की ओर से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार नमूने लिए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि खाद्य उत्पाद खरीदते समय लेबल, बैच नंबर, निर्माण और समाप्ति तिथि की जांच जरूर करें।

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से साफ है कि राज्य में असुरक्षित खाद्य पदार्थों के कारोबार पर अब सख्ती बढ़ाई जा रही है और जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले उत्पादों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

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