देहरादून/नई दिल्ली (12 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया के युद्ध और तेल आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत अब रसोई के बजट और आदतों को बदलने लगी है। देहरादून समेत उत्तर भारत के कई शहरों में गैस रिफिल की प्रतीक्षा अवधि (Waiting Period) बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं ने वैकल्पिक संसाधनों की ओर रुख कर लिया है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop) और इलेक्ट्रिक केतली (Electric Kettle) की बिक्री में 40% से 50% तक का उछाल दर्ज किया गया है। लोग दुकानों पर जाने के बजाय ऑनलाइन प्लेटफार्मों से इन उपकरणों को तेजी से मंगवा रहे हैं।
बाजार का बदला मिजाज: रसोई में बिजली का दखल
गैस एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारों और बुकिंग में देरी ने मध्यम वर्गीय परिवारों को बिजली से चलने वाले उपकरणों की ओर धकेल दिया है:
- इंडक्शन कुकटॉप की मांग: एलपीजी के विकल्प के रूप में इंडक्शन सबसे पहली पसंद बनकर उभरा है। स्थानीय इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में स्टॉक खत्म होने की स्थिति आ गई है, जिससे लोग अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन स्टोर का सहारा ले रहे हैं।
- इलेक्ट्रिक केतली: चाय, कॉफी और पानी गर्म करने जैसे छोटे कामों के लिए इलेक्ट्रिक केतली की बिक्री में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। उपभोक्ताओं का मानना है कि इससे गैस की बचत होती है और संकट के समय यह एक बड़ा सहारा है।
- बिक्री के आंकड़े: देहरादून के पलटन बाजार और राजपुर रोड स्थित शोरूम्स में रोजाना औसतन 50 से 60 इंडक्शन सेट बिक रहे हैं, जो सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना है।
ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ा क्रेज: ‘फास्ट डिलीवरी’ की चाह
गैस संकट के डर से घबराए लोग ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर इन उपकरणों को सर्च कर रहे हैं:
- कंपैरिजन और डिस्काउंट: ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर उपलब्ध विभिन्न ब्रांडों और डिस्काउंट के चलते लोग डिजिटल पेमेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं।
- होम डिलीवरी का लाभ: गैस सिलेंडर के लिए घर से बाहर भटकने के बजाय, लोग घर बैठे तकनीक की मदद से अपनी रसोई को अपडेट कर रहे हैं।
- स्मार्ट किचन गैजेट्स: केवल इंडक्शन ही नहीं, बल्कि एयर फ्रायर और ओटीजी (OTG) जैसे उपकरणों की मांग में भी इजाफा देखा जा रहा है।
उपभोक्ताओं की राय: ‘मजबूरी भी और समझदारी भी’
नेहरू कॉलोनी निवासी एक गृहिणी ने बताया, “सिलेंडर बुक किए 10 दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक डिलीवरी नहीं हुई। मजबूरी में इंडक्शन खरीदना पड़ा ताकि बच्चों का खाना समय पर बन सके। बिजली का बिल थोड़ा बढ़ेगा, लेकिन गैस खत्म होने का डर तो नहीं रहेगा।”
विशेषज्ञों की चेतावनी: बिजली ग्रिड पर बढ़ सकता है दबाव
आर्थिक और तकनीकी विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यदि बड़ी आबादी अचानक इलेक्ट्रिक कुकिंग पर शिफ्ट होती है, तो इसके दो मुख्य प्रभाव होंगे:
- बिजली की मांग: मार्च में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग पहले से ही ज्यादा है, इंडक्शन के बढ़ते इस्तेमाल से ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ सकता है।
- लागत में अंतर: एलपीजी की तुलना में बिजली से खाना बनाना कुछ क्षेत्रों में महंगा पड़ सकता है, खासकर वहां जहां बिजली की दरें अधिक हैं।





