यमकेश्वर/पौड़ी गढ़वाल: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपने गृह राज्य उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत, तीनों लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है। अपने प्रवास के दौरान सीएम योगी पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे और इसके बाद अपने पैतृक गांव पंचूर जाकर अपनी मां सावित्री देवी से भेंट करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, वहीं उनके पैतृक गांव में उत्साह का माहौल है।
यमकेश्वर में भव्य कार्यक्रम: विकास योजनाओं की देंगे सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे की शुरुआत यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र से होगी:
- जनसभा को संबोधन: सीएम योगी यमकेश्वर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जहां वे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सांस्कृतिक और विकासपरक संबंधों पर अपनी बात रखेंगे।
- शिक्षा और गुरु भक्ति: बताया जा रहा है कि वे अपने गुरु महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा का अनावरण या उनसे जुड़े किसी स्मृति कार्यक्रम में भी भाग ले सकते हैं। यमकेश्वर उनके गुरु की जन्मस्थली और प्रारंभिक कर्मस्थली रही है।
भावुक क्षण: पैतृक गांव पंचूर में मां से मुलाकात
सार्वजनिक कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री का रुख पूरी तरह व्यक्तिगत होगा:
- मां का आशीर्वाद: योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पंचूर जाएंगे, जहां वे अपनी वृद्ध माता सावित्री देवी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद वे बहुत कम अवसरों पर अपने घर जा पाए हैं, ऐसे में इस मुलाकात को लेकर परिवार और ग्रामीण बेहद भावुक हैं।
- परिजनों से भेंट: वे अपने भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी समय बिताएंगे। गांव के लोगों के लिए ‘अजय सिंह बिष्ट’ (योगी जी का सांसारिक नाम) का आगमन किसी उत्सव से कम नहीं है।
- सादगी की मिसाल: मुख्यमंत्री के गांव में प्रवास के दौरान सुरक्षा के घेरे के बावजूद सादगी का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि ग्रामीणों को असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ‘हाई अलर्ट’
चूंकि योगी आदित्यनाथ को ‘Z+’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, इसलिए उत्तराखंड पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के सुरक्षा दस्ते ने संयुक्त रूप से कमान संभाल ली है:
- ड्रोन से निगरानी: यमकेश्वर और पंचूर के आसपास के जंगलों और पहाड़ियों पर ड्रोन के जरिए नजर रखी जा रही है।
- हेलीपैड तैयार: सीएम के आगमन के लिए यमकेश्वर के पास अस्थाई हेलीपैड का निर्माण किया गया है।
निष्कर्ष: देवभूमि से गहरा लगाव
योगी आदित्यनाथ अक्सर अपने भाषणों में उत्तराखंड को अपनी जन्मभूमि बताते हुए इसके विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से न केवल दोनों राज्यों के आपसी समन्वय को मजबूती मिलेगी, बल्कि यह मुख्यमंत्री के मानवीय और पारिवारिक पक्ष को भी दर्शाता है।
“मुख्यमंत्री जी का अपने गांव आना हमारे लिए गर्व की बात है। वे भले ही पूरे उत्तर प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हों, लेकिन इस मिट्टी के लिए वे आज भी वही अजय हैं। मां और बेटे की यह मुलाकात बहुत भावुक होगी।” — पंचूर ग्राम निवासी





