Sunday, November 30, 2025

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यूक्रेन में शांति का रास्ता नई दिल्ली से होकर गुजरता है’ — ट्रंप के सलाहकार नवारो का बेतुका बयान

वॉशिंगटन/नई दिल्ली।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक बार फिर भारत पर विवादास्पद और बेतुका बयान दिया है। नवारो ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि रूस से भारत की तेल खरीद यूक्रेन युद्ध को वित्तीय मदद दे रही है। उन्होंने यहां तक कह डाला कि — यूक्रेन में शांति का रास्ता नई दिल्ली से होकर गुजरता है।”

टैरिफ का बचाव और भारत पर आरोप

ब्लूमबर्ग टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में नवारो ने दावा किया कि रूस भारत को सस्ते दामों पर कच्चा तेल बेच रहा है और इससे रूस की “युद्ध मशीन” चल रही है। उनका कहना था कि यदि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर दे, तो अमेरिका भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ को हटा सकता है।
गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें से आधा रूस से तेल खरीदने को लेकर जोड़ा गया है।

“यह मोदी का युद्ध है” – नवारो

नवारो ने अपने बयान में यहां तक कहा – यह मोदी का युद्ध है, क्योंकि यूक्रेन में शांति का रास्ता नई दिल्ली से होकर गुजरता है।” उन्होंने कहा कि भारत की नीतियों की वजह से अमेरिका को लगातार यूक्रेन को हथियार और वित्तीय मदद देनी पड़ रही है, जिसका बोझ अमेरिकी करदाताओं पर पड़ रहा है।

भारतीयों को बताया “अहंकारी”

नवारो ने भारतीयों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें अहंकारी” करार दिया। उन्होंने कहा, भारतीय नेता यह कहते हैं कि हमारे टैरिफ ज्यादा नहीं हैं और हमें संप्रभु अधिकार है कि हम जिससे चाहें तेल खरीदें। लेकिन भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और उसे उसी तरह व्यवहार करना चाहिए।”
नवारो ने यहां तक आरोप लगाया कि भारत के टैरिफ और नीतियों की वजह से अमेरिका में नौकरियां, उद्योग और मजदूरी प्रभावित हो रही हैं।

भारत का जवाब – ऊर्जा सुरक्षा है प्राथमिकता

भारत ने अपने रुख का बचाव करते हुए कहा है कि रूसी तेल की खरीद ऊर्जा की कीमतों को काबू में रखने और घरेलू बाजार को स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका का टैरिफ कदम पूरी तरह से अनुचित और भेदभावपूर्ण है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका का रुख दोहरा है, क्योंकि चीन भी रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन वाशिंगटन ने बीजिंग को इस मामले में छूट दे रखी है।

बढ़ते रिश्तों पर असर की आशंका

राजनयिक सूत्रों का मानना है कि नवारो के बयान और ट्रंप प्रशासन की हालिया नीतियां भारत-अमेरिका संबंधों पर असर डाल सकती हैं। खासतौर पर उस समय, जब भारत ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक संतुलन दोनों मोर्चों पर कठिन फैसले ले रहा है।

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