जिनेवा में जारी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 60वें सत्र के दौरान बांग्लादेश की सियासत का रंग अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी दिखाई दिया। जिनेवा स्थित ‘ब्रोकन चेयर’ स्मारक के पास अवामी लीग के सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मकसद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को उजागर करना था।
यूनुस के इस्तीफे और नोबेल वापसी की मांग
प्रदर्शन के दौरान अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और पोस्टर लिए हुए नारेबाजी की। उन्होंने “आतंकवादी, आतंकवादी, यूनुस” और “इस्तीफा दो यूनुस” जैसे नारे लगाए। साथ ही यह मांग भी उठाई कि यूनुस का नोबेल पुरस्कार वापस लिया जाए।
शेख हसीना ने फोन से संबोधित किया
इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने फोन के जरिए अपने समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए यह लड़ाई जरूरी है।
बंगबंधु के समर्थन में नारे
अवामी लीग के सदस्यों ने प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान के समर्थन में भी नारे लगाए। उनका कहना था कि मौजूदा अंतरिम सरकार जनता की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और यह लोकतंत्र व स्वतंत्रता की भावना के खिलाफ है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर संदेश
अवामी लीग का यह प्रदर्शन इस बात की ओर संकेत करता है कि बांग्लादेश की मौजूदा सत्ता संघर्ष और राजनीतिक टकराव अब अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच चुका है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक यूनुस इस्तीफा नहीं देते और मानवाधिकार उल्लंघन बंद नहीं होते, वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
यूएनएचआरसी का 60वां सत्र: अवामी लीग का प्रदर्शन, यूनुस सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप





