रियाद। यमन में हूती लड़ाकों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज हो गया है। हूती लड़ाके रणनीतिक पहाड़ी इलाकों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सऊदी समर्थित सेनाओं के लिए लाल सागर के तट तक पहुंच बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, हूती लड़ाकों ने हाल के दिनों में ताइज और लाहिज प्रांतों के महत्वपूर्ण पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़त बनाई है। उनका लक्ष्य कहबूब पर्वत जैसे ऊंचे इलाकों पर नियंत्रण स्थापित करना है। ये क्षेत्र लाल सागर तट और दक्षिणी यमन के बीच रणनीतिक स्थिति रखते हैं। इससे हूतियों को बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के आसपास अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
इससे पहले हूती लड़ाके लाल सागर तट के महत्वपूर्ण इलाकों में भी आगे बढ़ चुके हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, मोखा बंदरगाह पर नियंत्रण हासिल करने के बाद उन्होंने तट के दक्षिणी हिस्सों और कुछ रणनीतिक द्वीपों की ओर भी बढ़त बनाई। बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है।
संघर्ष बढ़ने के साथ मानवीय स्थिति भी गंभीर हुई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हालिया लड़ाई में करीब 700 लोगों की मौत हुई है और एक लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी ने 22 सितंबर को बताया कि इस महीने अब तक 1.30 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ चुके हैं और आने वाले महीनों में विस्थापन और बढ़ सकता है।
इस बीच सऊदी अरब और हूती लड़ाकों के बीच तनाव भी बढ़ा है। हूतियों ने सऊदी क्षेत्र पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के दावे किए हैं, जबकि सऊदी बलों की ओर से यमन में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए जाने की खबरें हैं। लाल सागर में बढ़ता तनाव वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।




