नई दिल्ली/श्रीनगर: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते भीषण सैन्य संघर्ष और हिजबुल्लाह प्रमुख व अन्य नेताओं की मौत के बाद भारत में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह चौकस हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक विशेष ‘एडवाइजरी’ जारी कर हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। मंत्रालय ने विशेष रूप से उन राज्यों को सतर्क रहने को कहा है जहाँ प्रदर्शनों की संभावना अधिक है। इसी कड़ी में, एहतियात के तौर पर जम्मू-कश्मीर के कई संवेदनशील हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी पाबंदी लगा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति को रोका जा सके।
गृह मंत्रालय का निर्देश: दूतावासों और धार्मिक स्थलों पर कड़ा पहरा
गृह मंत्रालय ने राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (DGPs) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
- इजरायली प्रतिष्ठानों की सुरक्षा: दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में स्थित इजरायली दूतावासों, वाणिज्य दूतावासों और यहूदी प्रार्थना स्थलों (चाबाड हाउस) की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
- भीड़भाड़ वाले इलाकों पर नजर: स्थानीय पुलिस को निर्देश है कि वे सार्वजनिक स्थानों और उन इलाकों में गश्त बढ़ाएं जहाँ विरोध प्रदर्शन की आशंका है।
- सांप्रदायिक सौहार्द: सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं ताकि क्षेत्रीय तनाव का असर भारत की आंतरिक शांति पर न पड़े।
कश्मीर में पाबंदियां: अफवाहों पर लगाम की कोशिश
घाटी में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं:
- इंटरनेट ब्लैकआउट: श्रीनगर के कुछ हिस्सों और दक्षिण कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में मोबाइल इंटरनेट की गति को कम कर दिया गया है या पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
- सुरक्षा बलों की तैनाती: श्रीनगर की सड़कों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। कई स्थानों पर ‘नाका चेकिंग’ तेज कर दी गई है।
- मौन विरोध और निगरानी: घाटी के कुछ हिस्सों में मिडिल ईस्ट की घटनाओं के विरोध में होने वाली संभावित रैलियों को देखते हुए प्रशासन ड्रोन के जरिए निगरानी कर रहा है।
खुफिया इनपुट: ‘लोन वुल्फ’ हमलों का खतरा
खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तनाव का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ सकते हैं:
- रेड अलर्ट: सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि कट्टरपंथी भावनाओं को भड़काकर ‘लोन वुल्फ’ (अकेले हमला करने वाले) हमलों की साजिश रची जा सकती है।
- एयरपोर्ट्स और रेलवे स्टेशन: देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा जांच (Frisking) को और अधिक सघन कर दिया गया है।





