यरूशलेम/तेहरान (13 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुँच गया है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभियानों के बीच लेबनान की राजधानी बेरूत और ईरान के कई रिहायशी इलाकों में तबाही का मंजर है। संघर्ष के 14वें दिन इजरायली हवाई हमलों में ईरान के भीतर नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुँचा है, जिसमें कथित तौर पर महिला और बच्चों की मौत की खबर है। इस घटना ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव की आग को और भड़का दिया है, जबकि ईरान ने भी भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए पलटवार जारी रखा है।
युद्ध का मैदान बना बेरूत और तेहरान: नागरिकों पर भारी पड़ रही जंग
पिछले 24 घंटों में युद्ध की तीव्रता कई गुना बढ़ गई है:
- बेरूत में भीषण बमबारी: इजरायली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के मध्य इलाकों में भारी एयरस्ट्राइक की है। शहर के आसमान में धुएं के गुबार देखे जा रहे हैं और कई बहुमंजिला इमारतें जमींदोज हो गई हैं।
- ईरान में मानवीय क्षति: ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि इजरायली मिसाइलों ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया है, जिसमें मासूम बच्चों और महिलाओं की जान गई है। तेहरान ने इसे ‘युद्ध अपराध’ करार दिया है।
- ईरान का पलटवार: जवाब में ईरान ने इजरायल के सैन्य अड्डों और रणनीतिक ठिकानों की ओर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे हैं, जिससे इजरायल के कई शहरों में सायरन गूंज रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले जारी
समुद्री मोर्चे पर भी स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है:
- व्यापारिक जहाजों को निशाना: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ड्रोन हमलों के कारण व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।
- सप्लाई चेन ठप: जहाजों पर हो रहे निरंतर हमलों ने वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति को संकट में डाल दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है।
डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख और वैश्विक संकट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयानों ने सुलह की उम्मीदों को कम कर दिया है:
- ट्रंप की चेतावनी: राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए सैन्य बल का प्रयोग जारी रखेगा। उनके इस सख्त रवैये को खाड़ी देशों में संघर्ष बढ़ाने वाले कारक के रूप में देखा जा रहा है।
- वैश्विक राजनीति में दरार: रूस और चीन ने अमेरिका की भूमिका की आलोचना की है, जिससे दुनिया दो ध्रुवों में बंटती नजर आ रही है।
भारत की स्थिति: “परिस्थितियों पर पैनी नजर”
भारत सरकार ने इस संकट को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है:
- विदेश मंत्रालय का बयान: भारत ने कहा है कि वह तेजी से बदलती परिस्थितियों और क्षेत्र में मौजूद अपने हजारों नागरिकों की सुरक्षा पर पल-पल की नजर बनाए हुए है।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: खाड़ी क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना के जहाजों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में बचाव अभियान शुरू किया जा सके।





