मालदा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के मालदा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राज्य के राजनीतिक और सामाजिक भविष्य पर बड़ा बयान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे युवा पीढ़ी, जिसे ‘जेड-जी’ (Gen Z) कहा जाता है, आज भारतीय जनता पार्टी के विकास मॉडल और भविष्यवादी सोच के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल का युवा अब भ्रष्टाचार, सिंडिकेट राज और तुष्टीकरण की राजनीति से ऊब चुका है और वह केंद्र सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ व ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से अपने सपनों को उड़ान देना चाहता है। पीएम मोदी ने मालदा की धरती से राज्य की सत्ताधारी पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल के युवाओं के भविष्य को दांव पर लगा दिया है, लेकिन अब बदलाव की लहर चल पड़ी है।
Gen Z और युवाओं पर पीएम मोदी का फोकस
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का एक बड़ा हिस्सा युवाओं और नई पीढ़ी के मतदाताओं के नाम किया:
- भविष्य की आकांक्षाएं: पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में जन्म लेने वाली यह पीढ़ी (Gen Z) जाति और धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे की मांग कर रही है, जो केवल भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार ही दे सकती है।
- डिजिटल क्रांति का लाभ: उन्होंने कहा कि मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे क्षेत्रों के युवाओं को अब अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बड़े शहरों की ओर भागने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मोदी सरकार ने गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल अवसर पहुंचाए हैं।
- नवाचार को बढ़ावा: प्रधानमंत्री के अनुसार, बंगाल के युवाओं में गजब की मेधा है और भाजपा सरकार का लक्ष्य उन्हें ‘रोजगार मांगने वाले’ के बजाय ‘रोजगार देने वाला’ बनाना है।
टीएमसी और भ्रष्टाचार पर तीखा हमला
रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार की नीतियों और हालिया विवादों पर भी निशाना साधा:
- भर्ती घोटाला: पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि बंगाल में योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि ‘कट मनी’ और ‘सिंडिकेट’ के आधार पर नौकरियां दी जाती हैं, जिससे राज्य के मेधावी युवाओं का हक मारा जा रहा है।
- तुष्टीकरण की राजनीति: उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण बंगाल की पहचान और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे अब राज्य का जागरूक युवा स्वीकार नहीं करेगा।
- रुका हुआ विकास: प्रधानमंत्री ने दावा किया कि केंद्र की कई कल्याणकारी योजनाओं को राज्य सरकार ने राजनीतिक द्वेष के कारण बंगाल में लागू नहीं होने दिया, जिसका सबसे अधिक नुकसान गरीब और मध्यम वर्ग को हुआ है।
मालदा की सांस्कृतिक और आर्थिक महत्ता
मालदा के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए पीएम ने क्षेत्र के विकास का वादा किया:
- आम और रेशम उद्योग: उन्होंने मालदा के प्रसिद्ध ‘फजली आम’ और रेशम (Silk) उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया।
- कनेक्टिविटी: मालदा को रेल और सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए किए गए विस्तार कार्यों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी ही व्यापार और पर्यटन के नए रास्ते खोलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे ने मालदा और आसपास के जिलों में चुनावी माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। ‘Gen Z’ का उल्लेख कर उन्होंने यह संदेश दिया है कि भाजपा केवल वर्तमान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी ठोस योजनाएं बना रही है। प्रधानमंत्री ने अंत में जनता से आह्वान किया कि वे विकसित बंगाल और विकसित भारत के निर्माण के लिए भारी मतदान करें और कमल के बटन पर भरोसा जताएं।





