मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब योजना की सभी लाभार्थी महिलाओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। सरकार ने गुरुवार को आदेश जारी करते हुए कहा कि दो महीने के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी, अन्यथा बैंक खातों में मासिक सहायता रोक दी जाएगी।
किन्हें मिलता है लाभ?
जुलाई 2024 में शुरू हुई इस योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं है।
मंत्री अदिति तटकरे ने की अपील
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने गुरुवार को कहा कि ई-केवाईसी की सुविधा योजना के वेब पोर्टल (ladakibahin.maharashtra.gov.in) पर उपलब्ध है। उन्होंने लाभार्थी महिलाओं से अपील करते हुए कहा,
“यह प्रक्रिया बेहद सरल और सुविधाजनक है। अगले दो महीने के भीतर सभी लाभार्थी इसे पूरा करें ताकि उन्हें योजना का लाभ निरंतर मिलता रहे। यह न सिर्फ पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी, बल्कि भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी सहायक होगी।”
हर साल करना होगा ई-केवाईसी
सरकारी आदेश में साफ कहा गया है कि लाभार्थियों को आधार सत्यापन और प्रमाणीकरण प्रक्रिया हर वर्ष पूरी करनी होगी। निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी न करने वालों की मासिक सहायता रोक दी जाएगी।
अपात्र लाभार्थियों पर सरकार सख्त
राज्य सरकार ने हाल ही में खुलासा किया था कि योजना में करीब 26.34 लाख अपात्र लोगों का नामांकन हो चुका है, जिनमें पुरुष भी शामिल हैं। फिलहाल योजना के तहत 2.25 करोड़ महिलाएं मासिक आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं। सरकार का मानना है कि ई-केवाईसी व्यवस्था से भ्रष्टाचार और अपात्र नामांकन पर रोक लगेगी और वास्तविक पात्र महिलाओं को ही लाभ मिल सकेगा।





