देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में सोमवार को राज्य हित से जुड़े छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में कृषि, शिक्षा, कारागार और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई फैसले लिए गए।
महक क्रांति नीति को हरी झंडी
बैठक का सबसे बड़ा निर्णय ‘महक क्रांति नीति’ को मंजूरी देना रहा। इसके पहले चरण में 91 हजार लाभार्थियों के सहयोग से 22,750 हेक्टेयर भूमि पर अरोमैटिक (सुगंधित) पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार ने किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी का प्रावधान रखा है। एक हेक्टेयर तक खेती करने वालों को 80 प्रतिशत तक और एक हेक्टेयर से अधिक पर 50 प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।
कारागार ढांचे का पुनर्गठन
राज्य के जेल प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिए कारागार विभाग के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव के तहत 27 पद स्थायी रूप से सृजित होंगे, जबकि अन्य पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाएंगे।
ईडब्ल्यूएस भवनों के लिए अतिरिक्त बजट
रुद्रपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे 1872 ईडब्ल्यूएस भवनों के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने अतिरिक्त 27 करोड़ रुपये जारी करने का निर्णय लिया। इससे परियोजना को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा प्रसारण के लिए नए पद
दूरदर्शन के माध्यम से शिक्षा संबंधी प्रसारण को सशक्त करने के लिए आठ नए पदों को स्वीकृति दी गई। ये पद शिक्षा विभाग के अंतर्गत एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) से जुड़े होंगे। इसका लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो किसी कारणवश कक्षाओं में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो पाते।
विशेष शिक्षा और टीईटी पर निर्णय
कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि सितंबर 2017 से मार्च 2019 तक दूरस्थ शिक्षा से डीएलएड पास करने वाले अभ्यर्थियों को भी विशेष शिक्षा के पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से अवसर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में टीईटी अनिवार्यता संबंधी आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी।
दिव्यांग विवाह अनुदान में वृद्धि
सामाजिक सरोकार से जुड़े एक फैसले में दिव्यांगजनों से विवाह करने वाले जोड़ों को मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि को दोगुना कर दिया गया है। अब यह अनुदान 25 हजार रुपये के स्थान पर 50 हजार रुपये होगा।
डीजी सूचना बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट की ब्रीफिंग में कहा कि इन प्रस्तावों से राज्य में कृषि आधारित रोजगार, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के नए अवसर पैदा होंगे।





