मसूरी: ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी में लंबे इंतजार के बाद सीजन की पहली बर्फबारी हुई है, जिससे पूरी घाटी सफेद चादर में लिपट गई है। बर्फबारी की खबर मिलते ही मैदानी इलाकों से हजारों की संख्या में पर्यटक मसूरी की ओर दौड़ पड़े। पर्यटकों की इस भारी आमद के कारण शहर की सड़कें छोटी पड़ गईं और देहरादून-मसूरी हाईवे पर मीलों लंबा जाम लग गया। जहां एक ओर बर्फबारी ने पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त होने से स्थानीय निवासियों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
माल रोड से लाल टिब्बा तक बिछी बर्फ की चादर
देर रात से शुरू हुई बर्फबारी के बाद सुबह जब मसूरी की नींद खुली, तो नजारा बदला हुआ था। शहर के मुख्य माल रोड, लाल टिब्बा, गन हिल और धनोल्टी मार्ग पर आधा से एक फीट तक बर्फ जमा हो गई है। पर्यटक होटलों से बाहर निकलकर बर्फ के साथ खेलते और सेल्फी लेते नजर आए। खासकर लाल टिब्बा और चार दुकान क्षेत्र में पर्यटकों का भारी जमावड़ा देखा गया।
हाईवे पर थमी रफ्तार: गज्जी बैंड से कोल्हूखेत तक कतारें
बर्फबारी का आनंद लेने की चाहत पर्यटकों के लिए उस वक्त आफत बन गई जब देहरादून से मसूरी आने वाले मार्ग पर वाहनों का रेला लग गया।
- भारी जाम: देहरादून-मसूरी हाईवे पर गज्जी बैंड, कोल्हूखेत और किंक्रेग के पास वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।
- फिसलन का खतरा: सड़क पर पाला गिरने और बर्फ जमा होने के कारण गाड़ियां रपटने लगीं, जिससे पुलिस को एहतियातन कई जगहों पर ट्रैफिक रोकना पड़ा।
- पार्किंग की समस्या: शहर के सभी प्रमुख पार्किंग स्थल सुबह 10 बजे तक ही ‘फुल’ हो गए, जिसके बाद पर्यटकों ने सड़कों के किनारे वाहन खड़े कर दिए, जिससे जाम और गहरा गया।
प्रशासन की मशक्कत और पुलिस का पहरा
बढ़ती भीड़ और जाम को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर है।
- चूने और नमक का छिड़काव: लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें सड़कों से बर्फ हटाने और फिसलन कम करने के लिए नमक व चूने का छिड़काव कर रही हैं।
- वाहनों पर पाबंदी: भारी जाम को देखते हुए पुलिस ने कुठालगेट के पास से केवल उन्हीं पर्यटकों को आगे जाने की अनुमति दी जिनकी होटल बुकिंग थी। बिना बुकिंग वाले कई वाहनों को वापस देहरादून की ओर भेज दिया गया।
- क्रेन की तैनाती: बीच रास्ते में खराब हुए या रपटे हुए वाहनों को हटाने के लिए क्रेन तैनात की गई हैं।
पर्यटन व्यवसाय में उछाल
पिछले कई हफ्तों से सूखे की मार झेल रहे होटल और रेस्तरां संचालकों के लिए यह बर्फबारी किसी वरदान से कम नहीं है। शहर के लगभग सभी छोटे-बड़े होटल 100% ऑक्यूपेंसी पर पहुँच गए हैं। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि यदि मौसम ऐसा ही बना रहा, तो आने वाले पूरे सप्ताह मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ बनी रहेगी।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में और अधिक बर्फबारी तथा निचले इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे रात के समय यात्रा करने से बचें और अपने वाहनों के टायर व ब्रेक की स्थिति जांच कर ही पहाड़ों की ओर आएं।





