देहरादून/मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी की सैर पर जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए आने वाले दिन काफी कष्टकारी साबित हो सकते हैं। देहरादून-मसूरी मुख्य मार्ग पर स्थित कुठाल गेट पुल का निर्माण कार्य और उसके समानांतर बनने वाले वैकल्पिक मार्ग का काम कछुआ गति से चलने के कारण अधर में लटक गया है। पर्यटन सीजन शुरू होने में अब कुछ ही समय शेष है, ऐसे में निर्माण कार्य पूरा न होने से इस संकरे मार्ग पर घंटों लंबे जाम की स्थिति पैदा होना तय माना जा रहा है।
क्यों अटका है निर्माण कार्य?
कुठाल गेट पर पुराने पुल के जर्जर होने के बाद नए पुल का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन कई तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों ने इसकी राह रोक दी है:
- वैकल्पिक मार्ग की सुस्ती: पुल निर्माण के दौरान यातायात को सुचारू रखने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग (डाइवर्जन) तैयार किया जाना था। इस मार्ग का काम अभी भी अधूरा है, जिसके कारण मुख्य पुल का निर्माण भी पूरी क्षमता से नहीं हो पा रहा है।
- बजट और मंजूरी का फेर: सूत्रों के अनुसार, वन भूमि हस्तांतरण और कुछ बजट आवंटन से जुड़ी औपचारिकताओं में देरी होने के कारण ठेकेदार ने काम की गति धीमी कर दी है।
पर्यटन और स्थानीय यातायात पर असर
यह मार्ग मसूरी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली मुख्य धमनी है। निर्माण कार्य में देरी का सीधा असर निम्नलिखित क्षेत्रों पर पड़ेगा:
- ट्रैफिक जाम की समस्या: वर्तमान में निर्माण स्थल के पास सड़क बेहद संकरी है। वीकेंड (शनिवार-रविवार) पर जब पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है, तो यहाँ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
- आपातकालीन सेवाओं में बाधा: जाम की स्थिति में एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों का निकलना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
- पर्यटन व्यवसाय पर चोट: जाम और अव्यवस्था के कारण कई पर्यटक मसूरी जाने के बजाय अन्य गंतव्यों का रुख कर रहे हैं, जिससे स्थानीय होटल और व्यापार जगत में चिंता बनी हुई है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) का पक्ष
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद विभाग अब हरकत में आता दिख रहा है:
- डेडलाइन का दबाव: विभाग ने कार्यदायी संस्था को कड़ी चेतावनी दी है कि पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले वैकल्पिक मार्ग को हर हाल में चालू किया जाए।
- 24 घंटे काम की योजना: प्रशासन अब निर्माण कार्य को दो शिफ्टों में चलाने पर विचार कर रहा है ताकि रुके हुए काम में तेजी लाई जा सके।





