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मराठा आरक्षण विवाद: OBC मुद्दे पर फडणवीस सरकार की 6 सदस्यीय कैबिनेट उपसमिति, भुजबल बैठक से गैरहाज़िर

मुंबई।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर जारी राजनीतिक सरगर्मी के बीच फडणवीस सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ओबीसी समाज की चिंताओं और उनके आरक्षण पर संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने छह सदस्यीय कैबिनेट उपसमिति का गठन किया है। इस समिति का काम ओबीसी समाज की मांगों, आरक्षण व्यवस्था और मराठा आरक्षण से जुड़े जटिल पहलुओं पर अध्ययन कर समाधान तलाशना होगा।

छगन भुजबल की गैरमौजूदगी चर्चा में

सोमवार को हुई पहली बैठक में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य मंत्री मौजूद रहे, लेकिन खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल बैठक से अनुपस्थित रहे। भुजबल लंबे समय से ओबीसी समाज के बड़े चेहरे माने जाते हैं और उनकी गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में कयासों का दौर तेज हो गया है।

समिति में शामिल हैं ये मंत्री

सूत्रों के अनुसार, इस कैबिनेट उपसमिति में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत छह मंत्री शामिल किए गए हैं। समिति जल्द ही ओबीसी संगठनों और मराठा आरक्षण की मांग कर रहे नेताओं से बातचीत कर अपना प्रस्ताव तैयार करेगी। सरकार का कहना है कि किसी भी समुदाय के आरक्षण पर आंच नहीं आने दी जाएगी।

फडणवीस ने दिया भरोसा

उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार मराठा और ओबीसी दोनों समुदायों की भावनाओं का सम्मान करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपसमिति का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण के मुद्दे पर किसी समाज के साथ अन्याय न हो और न्यायपूर्ण समाधान निकले।
विपक्ष का हमला
दूसरी ओर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि समिति का गठन महज समय निकालने की कवायद है। कांग्रेस और राकांपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने वर्षों तक इस मुद्दे को टालने का काम किया और अब दबाव में आकर समितियां बना रही है।
आंदोलनकारी संगठनों की नजर
मराठा आरक्षण आंदोलनकारी संगठनों और ओबीसी नेताओं ने फिलहाल समिति की कार्यप्रणाली पर नजर रखने की बात कही है। संगठनों का कहना है कि जब तक ठोस और व्यावहारिक समाधान सामने नहीं आता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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