मुंबई। महाराष्ट्र में लगातार हुई भारी बारिश ने किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। इस गंभीर हालात को देखते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य सरकार से तत्काल ‘भीगा अकाल’ घोषित करने की अपील की है।
वडेट्टीवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में कहा कि अगस्त और सितम्बर में हुई बारिश से राज्य के 30 जिलों में करीब 17.85 लाख हेक्टेयर फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये की आर्थिक मदद तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
मराठवाड़ा और विदर्भ सबसे ज्यादा प्रभावित
कांग्रेस नेता ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान मराठवाड़ा और विदर्भ के किसानों को हुआ है। यहां सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी प्रमुख फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को समय पर मदद नहीं मिली, तो आने वाला रबी सीजन भी संकट में पड़ सकता है।
राहत के लिए रखी गई मांगें
वडेट्टीवार ने राज्य सरकार से कई अहम कदम उठाने की अपील की है—
- बैंकों से किसानों की वसूली तुरंत रोकी जाए।
- बीमा कंपनियों को आदेश दिया जाए कि वे फसल नुकसान का मुआवजा जल्द जारी करें।
- प्रभावित किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए।
उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस विषय पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे किसानों में गहरी निराशा है।
बारिश के आंकड़े
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, सामान्यतः कम वर्षा वाले मराठवाड़ा क्षेत्र में इस बार 17 जून से 17 सितम्बर तक 717.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 607.6 मिमी है। यानी यहां 118% अधिक बारिश हुई है।
वडेट्टीवार ने जोर देकर कहा कि सरकार को तुरंत नुकसान का सर्वे पूरा कर ‘भीगा अकाल’ घोषित करना चाहिए और प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत पहुंचानी चाहिए।





