वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान लंबे समय तक अमेरिकी आर्थिक दबाव का सामना नहीं कर सकता और चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
ट्रंप ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव के बाद युद्ध तत्काल समाप्त हो जाएगा। उनके मुताबिक ईरान अमेरिकी चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, ताकि वाशिंगटन में ऐसी सरकार आए जो तेहरान के प्रति नरम रुख अपनाए।
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि फिलहाल अमेरिका ईरान के साथ नए परमाणु समझौते के लिए बातचीत शुरू करने को प्राथमिकता नहीं दे रहा है।
परमाणु मुद्दे पर बढ़ा तनाव
इसी बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भेजने का फैसला किया है। यह करीब 20 वर्षों में पहली बार है जब ऐसा कदम उठाया गया है। एजेंसी ने ईरान द्वारा जांच में सहयोग और अपनी परमाणु गतिविधियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर चिंता जताई है।
तेल की कीमतों पर भी असर
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी दबाव बढ़ा है। हालिया घटनाक्रम के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। ट्रंप ने कहा है कि युद्ध समाप्त होने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आएगी, हालांकि कीमतों को सामान्य स्तर पर आने में कुछ समय लग सकता है।
हालांकि ट्रंप युद्ध खत्म होने को लेकर आशावादी हैं, लेकिन अमेरिकी प्रशासन के कुछ वरिष्ठ सलाहकारों ने कथित तौर पर चेतावनी दी है कि संघर्ष लंबा खिंच सकता है और राष्ट्रपति के कार्यकाल के अंत तक जारी रह सकता है।





