Top 5 This Week

Related Posts

मतदाता सूची विवाद पर भाजपा का कांग्रेस पर हमला, कहा- आरोप लगाने के बाद जवाबदेही से नहीं बच सकती पार्टी

नई दिल्ली। मतदाता सूची की पारदर्शिता और कथित फर्जी मतदाताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर राजनीतिक आरोप तो लगाती है, लेकिन अपने दावों को साबित करने के लिए औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से पीछे हटती है।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी महासचिव जयराम रमेश के बयानों पर निशाना साधते हुए इसे ‘शूट एंड स्कूट’ की राजनीति करार दिया। भाजपा का कहना है कि चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाने के बजाय कांग्रेस को संबंधित अधिकारियों के समक्ष ठोस सबूत प्रस्तुत करने चाहिए। 

मतदाता सूची के प्रारूप को लेकर विवाद

विवाद का ताजा कारण चुनाव आयोग का 15 अक्टूबर को जारी निर्देश है, जिसमें विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) के दौरान राजनीतिक दलों को मतदाता सूची खोजने योग्य प्रारूप में उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि उनकी पार्टी पिछले दो वर्षों से ऐसी मतदाता सूची की मांग कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पहले इस मांग को स्वीकार नहीं किया और 2018 में मध्य प्रदेश में कथित फर्जी मतदाताओं का मामला सामने आने के बाद खोजने योग्य सूची उपलब्ध कराने की व्यवस्था रोक दी गई थी।

भाजपा ने कांग्रेस के इन आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को अपने दावों के समर्थन में औपचारिक शिकायत और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने चाहिए। 

राहुल गांधी के पुराने आरोपों का भी उठाया मुद्दा

भाजपा ने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कथित एक लाख फर्जी मतदाताओं से जुड़े राहुल गांधी के पुराने दावों का भी उल्लेख किया। पार्टी का आरोप है कि इन दावों के संबंध में अब तक आवश्यक औपचारिक कार्रवाई नहीं की गई है।

वहीं, कांग्रेस लगातार मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में बदलाव और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रही है।

चुनावी पारदर्शिता पर बढ़ी राजनीतिक बहस

मतदाता सूची के पुनरीक्षण और उसकी पारदर्शिता का मुद्दा अब राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। जहां भाजपा कांग्रेस से अपने आरोपों के प्रमाण मांग रही है, वहीं कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है।

फिलहाल, दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। मतदाता सूची से जुड़े दावों और विवादों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित तथ्यों तथा आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी।

Popular Articles