इंफाल/गुवाहाटी। मणिपुर में 19 सितंबर को असम राइफल्स के काफिले पर हुए हमले में संलिप्तता के आरोप में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए थे, जबकि पांच अन्य घायल हुए थे।
गुवाहाटी से हुई बड़ी गिरफ्तारी
गिरफ्तार उग्रवादियों में से एक को असम की राजधानी गुवाहाटी से पकड़ा गया, जबकि दूसरे की गिरफ्तारी का स्थान पुलिस ने सार्वजनिक नहीं किया है। पुलिस ने बताया कि दोनों उग्रवादी हमले की साजिश और क्रियान्वयन में सीधे तौर पर शामिल थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान थोंग्राम सदानंद सिंह उर्फ नगाचिक उर्फ पुरकपा (18) और स्वयंभू लेफ्टिनेंट कॉर्पल चोंगथम महेश उर्फ मोमो (51) के रूप में हुई है। इनमें से चोंगथम महेश प्रतिबंधित संगठन पीएलए का वरिष्ठ कैडर है, जो 1990 से इस संगठन से जुड़ा हुआ है। उसे गुवाहाटी पुलिस की क्राइम ब्रांच की मदद से दबोचा गया।
नाम्बोल में हुआ था हमला
19 सितंबर को बिष्णुपुर जिले के नाम्बोल सबल लेईकाई क्षेत्र में 33 असम राइफल्स के वाहन पर हथियारबंद उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया था। घटना के बाद से सुरक्षा बल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।
कुछ दिन पहले पकड़ा गया था मुख्य आरोपी
पुलिस ने बताया कि इन गिरफ्तारियों से पहले सुरक्षा बलों ने इंफाल पश्चिम जिले के कामेंग क्षेत्र से हमले के मुख्य आरोपी को भी पकड़ा था। इससे पीएलए की गतिविधियों पर बड़ी चोट पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि पीएलए की अधिकतर गतिविधियां पड़ोसी म्यांमार से संचालित होती हैं, जहां इसके शिविर और अड्डे मौजूद हैं।
हिंसा से जूझ रहा मणिपुर
गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा लगातार जारी है। अब तक 260 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। इस पृष्ठभूमि में उग्रवादी घटनाएं सुरक्षा बलों के लिए और बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि गिरफ्तारियां मणिपुर में उग्रवाद और हिंसा की साजिशों को तोड़ने में महत्वपूर्ण साबित होंगी।
मणिपुर: असम राइफल्स के काफिले पर हमले में शामिल दो उग्रवादी गिरफ्तार, एक गुवाहाटी से दबोचा गया





