गैबोरोन (बोत्सवाना)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को बोत्सवाना की संसद को संबोधित करते हुए भारत और बोत्सवाना के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत बोत्सवाना के विकास यात्रा का एक सच्चा साथी है और दोनों देशों की साझेदारी विश्वास, समानता और परस्पर सम्मान पर आधारित है।
अफ्रीका के अपने तीन देशों के दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू का यह संबोधन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और बोत्सवाना के रिश्ते दशकों पुराने हैं और अब यह साझेदारी एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ रही है। मुर्मू ने बोत्सवाना की स्थिर लोकतांत्रिक व्यवस्था, आर्थिक प्रगति और सामाजिक समरसता की सराहना की और कहा कि भारत हमेशा बोत्सवाना के साथ खड़ा रहेगा।
अपने भाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग की चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत की ‘डिजिटल इंडिया’ और बोत्सवाना की ‘स्मार्ट बोत्सवाना’ पहल एक-दूसरे के पूरक हैं। भारत इन क्षेत्रों में अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि बोत्सवाना को तकनीकी सशक्तिकरण और कौशल विकास में मदद मिल सके।
मुर्मू ने कहा कि भारत और बोत्सवाना का सहयोग “ग्लोबल साउथ के बीच साझेदारी का एक आदर्श उदाहरण” है। दोनों देश विकासशील विश्व के हितों की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समान प्रतिनिधित्व के पक्षधर हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, सतत विकास लक्ष्यों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में न्यायसंगत भागीदारी जैसे विषयों पर भी संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता बताई।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और बोत्सवाना के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश की अपार संभावनाएं हैं। भारत पहले से ही बोत्सवाना का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। उन्होंने भारतीय कंपनियों से बोत्सवाना में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया, विशेषकर खनन, फार्मा, आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र में।
मुर्मू ने बताया कि भारत बोत्सवाना के छात्रों को हर वर्ष आईटीईसी और आईसीसीआर छात्रवृत्ति के तहत प्रशिक्षण और शिक्षा के अवसर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम और भी व्यापक होंगे।
बोत्सवाना के राष्ट्रपति मोकग्वीसी मासीसी ने भारतीय राष्ट्रपति के संबोधन का स्वागत करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा बोत्सवाना के विकास में रचनात्मक भूमिका निभाई है। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को “साझा विश्वास और प्रगति की मजबूत नींव पर खड़ा” बताया।
विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रपति मुर्मू का यह संबोधन अफ्रीका में भारत की बढ़ती रणनीतिक और आर्थिक उपस्थिति का संकेत है। यह दौरा न केवल भारत-अफ्रीका साझेदारी को नया आयाम देगा, बल्कि दक्षिणी अफ्रीका के देशों में भारत की भूमिका को और सशक्त बनाएगा।





