मुंबई: भारत की रक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता की दिशा में आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आज देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मुलाकात करेंगे। कूटनीतिक गलियारों में इस बढ़ती नजदीकी को एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जहाँ फ्रांस अब भारत के लिए ‘नया रूस’ (सबसे भरोसेमंद रक्षा साझेदार) बनकर उभर रहा है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक का सबसे मुख्य आकर्षण भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-एम (मरीन) लड़ाकू विमानों के सौदे पर अंतिम मुहर लगना है, जो हिंद महासागर में भारत की शक्ति को कई गुना बढ़ा देगा।
राफेल-एम डील: नौसेना के लिए गेमचेंजर
इस मुलाकात के दौरान जिस रक्षा सौदे का सबसे ज्यादा इंतजार है, वह राफेल विमानों का समुद्री संस्करण है:
- INS विक्रांत की बढ़ेगी ताकत: ये लड़ाकू विमान विशेष रूप से भारत के स्वदेशी विमानवाहक पोत ‘आईएनएस विक्रांत’ के लिए खरीदे जा रहे हैं।
- अत्याधुनिक क्षमता: राफेल-एम लंबी दूरी की मिसाइलों और उन्नत राडार प्रणाली से लैस है, जो समुद्र के ऊपर हवाई श्रेष्ठता सुनिश्चित करने में सक्षम है।
- मेक इन इंडिया पर जोर: उम्मीद की जा रही है कि इस डील में ‘तकनीक हस्तांतरण’ (Technology Transfer) का क्लॉज भी शामिल होगा, जिससे भविष्य में भारत में ही कलपुर्जों का निर्माण हो सके।
फ्रांस: भारत का नया सबसे भरोसेमंद रणनीतिक मित्र?
पिछले कुछ वर्षों में रूस पर बढ़ती वैश्विक पाबंदियों और सप्लाई चेन की बाधाओं के बीच फ्रांस ने खुद को भारत के एक निस्वार्थ मित्र के रूप में स्थापित किया है:
- बिना शर्त समर्थन: परमाणु परीक्षण हो या कश्मीर मुद्दा, फ्रांस ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा भारत का साथ दिया है।
- सबमरीन प्रोजेक्ट: राफेल के अलावा, दोनों नेता स्कॉर्पीन श्रेणी की तीन अतिरिक्त पनडुब्बियों के निर्माण को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं, जिनका निर्माण मुंबई के मझगांव डॉक में ही होना है।
- जेट इंजन तकनीक: भारत और फ्रांस मिलकर लड़ाकू विमानों के लिए शक्तिशाली इंजन विकसित करने पर भी बात कर रहे हैं, जो भारत को रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बना देगा।
मुंबई में भव्य स्वागत: सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति मैक्रों के स्वागत के लिए मुंबई को छावनी में तब्दील कर दिया गया है:
- रोड शो की संभावना: कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, दोनों नेता मुंबई के तटवर्ती इलाकों में एक संक्षिप्त रोड शो कर सकते हैं, जो दोनों देशों की सांस्कृतिक और राजनीतिक मजबूती को प्रदर्शित करेगा।
- बिजनेस राउंडटेबल: रक्षा सौदों के साथ-साथ दोनों नेता शीर्ष उद्योगपतियों के साथ एक बैठक भी करेंगे, जिसमें ऊर्जा, अंतरिक्ष (Space) और एआई (AI) के क्षेत्र में निवेश पर चर्चा होगी।





