नई दिल्ली। भारत ने यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास मिसाइल हमले का शिकार हुए मालवाहक जहाज को लेकर रूस के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि जहाज यूक्रेन के लिए हथियार ले जा रहा था। विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि संबंधित जहाज में किसी प्रकार के हथियार नहीं थे, बल्कि वह अनाज (ग्रेन) लेकर जा रहा था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने उपलब्ध तथ्यों और जहाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट किया है कि पोत का कार्गो पूरी तरह व्यावसायिक था और उसमें खाद्यान्न लदा हुआ था। ऐसे में रूस का हथियार ले जाने संबंधी दावा तथ्यों से मेल नहीं खाता।
गौरतलब है कि ओडेसा के निकट हुए इस हमले में जहाज पर सवार चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भारत ने रूस के समक्ष अपनी गंभीर चिंता दर्ज कराई थी और नागरिक जहाजों तथा निर्दोष समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चलने वाले व्यावसायिक जहाजों को किसी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत ने कहा कि समुद्री व्यापार और नागरिक नौवहन की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा इसका सम्मान किया जाना चाहिए।
इस घटना के बाद भारत ने रूस के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर अपना विरोध भी दर्ज कराया। सरकार ने स्पष्ट किया कि निर्दोष भारतीय नागरिकों की मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
भारत का यह बयान ऐसे समय आया है जब काला सागर क्षेत्र में रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के कारण व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे वैश्विक समुद्री व्यापार और खाद्यान्न आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।





