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भारत के डिजिटल मॉडल से प्रभावित इंडोनेशिया, यूपीआई से आगे बढ़कर अपनाएगा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर

नई दिल्ली। भारत की डिजिटल क्रांति अब वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रही है। इंडोनेशिया केवल यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को अपनाने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) मॉडल को अपने देश में लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। यह पहल दोनों देशों के बीच डिजिटल सहयोग को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, इंडोनेशिया की योजना यूपीआई और उसके क्यूआरआईएस (QRIS) भुगतान प्रणाली के बीच इंटरऑपरेबिलिटी स्थापित करने के साथ-साथ डिजिटल पहचान, ई-गवर्नेंस, डिजिटल कॉमर्स और सार्वजनिक सेवाओं के लिए भारत के सफल मॉडल से सीख लेने की है। इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और सीमा पार डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) से प्रेरित होकर इंडोनेशिया अपना इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) विकसित कर रहा है। इसका उद्देश्य देश के लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को एक साझा डिजिटल मंच उपलब्ध कराना है, जिससे कारोबार को नई गति मिल सके।

भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली, एग्रीस्टैक, उर्वरक सब्सिडी सुधार, पीएम पोषण योजना और जन औषधि जैसी पहलों का भी इंडोनेशियाई प्रतिनिधिमंडलों ने अध्ययन किया है। वहां की कई विकास योजनाओं में इन भारतीय मॉडलों को अपनाने पर विचार किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान डिजिटल सहयोग, फिनटेक, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच यह सहयोग केवल भुगतान प्रणाली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापक डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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