Monday, March 2, 2026

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भारत-कनाडा संबंधों में नया अध्याय: “रिश्तों में फिर से आई नई एनर्जी,” मार्क कार्नी के पहले भारत दौरे पर बोले पीएम मोदी; कूटनीतिक कड़वाहट खत्म होने के संकेत

नई दिल्ली: भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक गतिरोध के बाद अब रिश्तों में जमी ‘बर्फ’ पिघलती नजर आ रही है। कनाडा के नवनियुक्त प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय शिखर वार्ता के बाद पीएम मोदी ने बेहद सकारात्मक लहजे में कहा कि “भारत और कनाडा के रिश्तों में एक नई एनर्जी (ऊर्जा) आई है।” प्रधानमंत्री का यह बयान दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों से जारी तनावपूर्ण संबंधों को फिर से पटरी पर लाने और भविष्य की रणनीतिक साझेदारी को मजबूती देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

हैदराबाद हाउस में मंथन: विश्वास बहाली पर जोर

दोनों शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत में आपसी विश्वास को फिर से कायम करने पर विशेष ध्यान दिया गया:

  • सकारात्मक संवाद: पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि मार्क कार्नी का नेतृत्व दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग के नए द्वार खोलेगा।
  • साझा लोकतांत्रिक मूल्य: दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि कानून के शासन और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए वे आपसी मतभेदों को सुलझाने के लिए तैयार हैं।
  • कूटनीतिक पुनर्गठन: पिछले साल के कड़वे अनुभवों को पीछे छोड़ते हुए, दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच नियमित संवाद (Hotline) शुरू करने पर सहमति बनी है।

प्रमुख समझौते: व्यापार, छात्र और तकनीक

‘नई एनर्जी’ के इस दौर में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा हुई:

  1. आर्थिक साझेदारी: प्रधानमंत्री कार्नी ने भारत को ‘ग्लोबल इकोनॉमिक पावरहाउस’ बताया। दोनों देशों ने रुके हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को जल्द अंतिम रूप देने के लिए वर्किंग ग्रुप बनाने का निर्णय लिया है।
  2. भारतीय छात्रों की सुरक्षा: पीएम मोदी ने कनाडा में पढ़ रहे लाखों भारतीय छात्रों की सुरक्षा और उनके हितों का मुद्दा उठाया, जिस पर मार्क कार्नी ने पूर्ण सहयोग और सुरक्षा का आश्वासन दिया।
  3. सेमीकंडक्टर और एआई (AI): तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक नए ‘इनोवेशन कॉरिडोर’ की घोषणा की गई, जिससे दोनों देशों के स्टार्टअप्स को लाभ मिलेगा।

सुरक्षा और आतंकवाद: भारत का स्पष्ट संदेश

रिश्तों में सुधार के बावजूद, भारत ने अपनी सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता से रखा:

  • अलगाववाद पर लगाम: सूत्रों के अनुसार, भारतीय पक्ष ने कनाडा की धरती पर सक्रिय भारत विरोधी और अलगाववादी तत्वों पर नकेल कसने की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • खुफिया जानकारी साझा करना: आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने के लिए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां अब अधिक समन्वय के साथ काम करेंगी।

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