नई दिल्ली/ब्यूरो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 17 जनवरी को देशवासियों को रेलवे का अब तक का सबसे बड़ा उपहार देने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री बहुप्रतीक्षित और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस देश की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर’ (Vande Bharat Sleeper) ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही, आम आदमी की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 6 नई ‘अमृत भारत’ (Amrit Bharat) एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात भी दी जाएगी। इस बड़े आयोजन के लिए रेल मंत्रालय ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
वंदे भारत स्लीपर: लंबी दूरी के सफर में लग्जरी का अनुभव
अब तक केवल चेयर-कार के रूप में चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस अब स्लीपर वर्जन में भी पटरियों पर उतरेगी। यह ट्रेन विशेष रूप से रात भर की यात्रा और लंबी दूरी के रूटों के लिए डिजाइन की गई है।
- अत्याधुनिक सुविधाएं: इस ट्रेन में यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें सेंसर-आधारित लाइटिंग, शोर-मुक्त केबिन, स्वचालित दरवाजे और बेहतर सस्पेंशन सिस्टम शामिल है ताकि तेज रफ्तार में भी यात्रियों को झटके महसूस न हों।
- सुरक्षा कवच: ट्रेन को स्वदेशी ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली से लैस किया गया है, जो दो ट्रेनों की टक्कर रोकने में सक्षम है।
- रफ्तार: यह ट्रेन 160 किमी/घंटा की गति से दौड़ने में सक्षम है, जिससे प्रमुख महानगरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
आम आदमी की ‘अमृत भारत’: 6 नई ट्रेनों की सौगात
वंदे भारत के साथ ही प्रधानमंत्री 6 नई ‘अमृत भारत’ ट्रेनों का भी शुभारंभ करेंगे। यह ट्रेनें विशेष रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के यात्रियों के लिए बनाई गई हैं।
- पुश-पुल तकनीक: अमृत भारत ट्रेनों में दोनों सिरों पर इंजन (Push-Pull Technology) होते हैं, जिससे यह तेजी से रफ्तार पकड़ती है और समय की बचत करती है।
- किफायती और आरामदायक: इसमें नॉन-एसी कोच होने के बावजूद यात्रियों को एर्गोनोमिक सीटें, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और आधुनिक शौचालयों जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
कनेक्टिविटी और विकास को मिलेगी नई दिशा
रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इन नई ट्रेनों का संचालन उन रूटों पर किया जाएगा जहाँ यात्रियों का भार सबसे अधिक है।
- प्रमुख रूट: माना जा रहा है कि पहली वंदे भारत स्लीपर दिल्ली-मुंबई या दिल्ली-बेंगलुरु जैसे व्यस्त रूट पर चलाई जा सकती है।
- रोजगार और पर्यटन: कनेक्टिविटी बेहतर होने से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी।
17 जनवरी का मेगा इवेंट
प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या व्यक्तिगत रूप से आयोजित एक भव्य समारोह के जरिए इन ट्रेनों का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। रेलवे बोर्ड ने सभी संबंधित जोनों को इन ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए पहले ही निर्देश जारी कर दिए हैं।
निष्कर्ष: ‘विकसित रेल, विकसित भारत’
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि वंदे भारत स्लीपर का आना वैश्विक स्तर पर भारतीय रेलवे की छवि को बदल देगा। यह न केवल हवाई यात्रा के विकल्प के रूप में उभरेगी, बल्कि मध्यम वर्ग के लिए आरामदायक सफर का नया मानक स्थापित करेगी।





