Top 5 This Week

Related Posts

भाजपा ने बनाई नई टीम, संतुलन साधते हुए युवा चेहरों पर जताया भरोसा

देहरादून। 2027 के विधानसभा चुनाव में हैट्रिक लगाने की तैयारी में जुटी भाजपा ने अपनी नई संगठनात्मक टीम की घोषणा कर दी है। लंबे मंथन के बाद तैयार की गई इस टीम में क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी का लक्ष्य साफ है—तीसरी बार सत्ता में वापसी।

भाजपा ने इस नई टीम में पहाड़ और मैदान दोनों हिस्सों से संतुलित भागीदारी सुनिश्चित की है। इसके अलावा सांसदों के करीबियों को भी जगह दी गई है, जिससे यह साफ हो गया है कि संगठन में उनकी हिस्सेदारी को भी ध्यान में रखा गया है।

युवाओं पर भरोसा और महिलाओं को अहम जिम्मेदारी
नई टीम में खासतौर पर युवा चेहरों पर भरोसा जताया गया है। अधिकांश पदाधिकारियों की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच है। पहली बार संगठन में महिला महामंत्री के पद पर दीप्ति रावत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा दो मंत्री और दो उपाध्यक्ष पदों पर भी महिलाओं को शामिल कर भाजपा ने लैंगिक संतुलन पर जोर दिया है।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि “यह टीम अनुभव, ऊर्जा और महिला नेतृत्व का संतुलन पेश करती है। हमें विश्वास है कि यह मिशन 2027 को फतह करेगी।”

पुराने चेहरों पर बरकरार रहा भरोसा
कई अनुभवी नेताओं पर लगातार तीसरी बार भरोसा जताया गया है। प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान को फिर से नियुक्त किया गया है। वे 2019 से इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं और 2022 विधानसभा तथा 2024 लोकसभा चुनाव में बेहतर मीडिया प्रबंधन के लिए उनकी सराहना हुई थी। इसी तरह प्रदेश कोषाध्यक्ष के रूप में पुनीत मित्तल को लगातार तीसरी बार मौका दिया गया है। प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान पर भी संगठन ने भरोसा कायम रखा है।

क्षेत्रीय संतुलन और नई जिम्मेदारियां
टीम में गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों को संतुलित प्रतिनिधित्व दिया गया है। हरिद्वार जिले से चार नेताओं को शामिल किया गया है। पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद को उपाध्यक्ष बनाया गया है। संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर काम कर चुके डॉ. स्वराज विद्वान और नेहा जोशी को भी राज्य में जिम्मेदारी दी गई है।

राजनीतिक संदेश
भाजपा की इस नई टीम को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लगातार दो बार सत्ता में रहने के बाद तीसरी बार वापसी की चुनौती भाजपा के सामने है। युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व और नई संगठनात्मक टीम के साथ पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि वह बदलाव और संतुलन दोनों को साधते हुए जनता के सामने जाएगी।

Popular Articles