लंदन (18 मार्च, 2026): यूनाइटेड किंगडम (UK) के इंग्लैंड और वेल्स क्षेत्र में कब्रिस्तानों में जगह के भारी अभाव ने एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। शहरों में स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि अब मृत देह को दफनाने के लिए नई जमीन उपलब्ध नहीं है। इस समस्या से निपटने के लिए ब्रिटेन के लॉ कमीशन ने 170 साल पुराने कानूनों को आधुनिक बनाने और पुरानी कब्रों के दोबारा इस्तेमाल (Reuse) की महत्वपूर्ण सिफारिश की है।
170 साल पुराना कानून बदलेगी सरकार
ब्रिटेन में वर्तमान में कब्रिस्तानों से जुड़े नियम विक्टोरियन काल के अधिनियमों पर आधारित हैं। लॉ कमीशन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार:
- कानूनी बाधा: मौजूदा कानून पुरानी कब्रों को दोबारा खोदने या उनके इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध लगाते हैं। कमीशन ने इन नियमों को वर्तमान चुनौतियों के अनुरूप बदलने का सुझाव दिया है।
- बंद कब्रिस्तानों को खोलना: सिफारिश में कहा गया है कि जो कब्रिस्तान पूरी तरह भर चुके हैं और दशकों पहले बंद कर दिए गए थे, उन्हें फिर से खोलकर वहां नई कब्रों की व्यवस्था की जानी चाहिए।
कैसे होगा पुरानी कब्रों का दोबारा इस्तेमाल?
प्रस्तावित योजना के तहत उन कब्रों को चिन्हित किया जाएगा जो कम से कम 75 से 100 साल पुरानी हैं:
- लिफ्ट एंड डीपेन विधि: इस प्रक्रिया में पुरानी कब्र को खोदकर अवशेषों को और गहराई में दबा दिया जाता है, जिससे उसी स्थान पर ऊपर एक और शव को दफनाने के लिए जगह बन जाती है।
- सार्वजनिक और निजी कब्रिस्तान: वर्तमान में लंदन के कुछ काउंसिल कब्रिस्तानों और ‘चर्च ऑफ इंग्लैंड’ के चर्चयार्ड्स में सीमित स्तर पर इसकी अनुमति है। लॉ कमीशन चाहता है कि यह अधिकार इंग्लैंड और वेल्स के सभी सार्वजनिक और निजी कब्रिस्तानों को दिया जाए।
- पारिवारिक सहमति: रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी पुरानी कब्र के पुन: उपयोग से पहले संबंधित परिवार के वंशजों से परामर्श और सार्वजनिक नोटिस की प्रक्रिया अनिवार्य होगी।
शहरों में संकट: क्यों जरूरी है यह बदलाव?
लॉ कमीशन की रिपोर्ट में इस संकट के कई कारण गिनाए गए हैं:
- जमीन की कमी और बढ़ती कीमतें: शहरी क्षेत्रों में नई जमीन खरीदना बेहद महंगा हो गया है, जिससे अंतिम संस्कार का खर्च आम नागरिक की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
- जनसंख्या का दबाव: रिपोर्ट के अनुसार, यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो अगले 5 से 10 वर्षों में कई शहरों में दफनाने के लिए एक इंच भी जगह नहीं बचेगी।
- सस्टेनेबिलिटी: कमीशन का मानना है कि कब्रों का पुन: उपयोग पर्यावरण और शहरी नियोजन के लिहाज से एक टिकाऊ समाधान है।




