नई दिल्ली। भारत सरकार ने मोबाइल उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और डेटा गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए बैटरी मैनेजमेंट के नाम पर संचालित सात चीनी मोबाइल एप्लिकेशन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने इन ऐप्स को लेकर गूगल और एप्पल को नोटिस जारी करते हुए उन्हें अपने-अपने ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, संबंधित ऐप्स पर उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी एकत्र करने, भ्रामक दावे करने और निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने के आरोप हैं। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ये एप्लिकेशन बैटरी की क्षमता बढ़ाने और फोन की परफॉर्मेंस सुधारने का दावा करते थे, लेकिन इनके संचालन और डेटा संग्रहण के तरीके सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध किसी भी एप्लिकेशन को भारतीय कानूनों और डेटा सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई ऐप राष्ट्रीय सुरक्षा, उपभोक्ता हित या गोपनीयता के लिए खतरा बनता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में गूगल के एंड्रॉयड प्ले स्टोर और एप्पल के आईओएस ऐप स्टोर को नोटिस भेजकर संबंधित ऐप्स की उपलब्धता पर तत्काल समीक्षा करने और आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाए रखने के लिए ऐसी निगरानी आगे भी जारी रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि उपयोगकर्ताओं को केवल विश्वसनीय डेवलपर्स के ऐप ही डाउनलोड करने चाहिए और किसी भी एप्लिकेशन को अनावश्यक अनुमति देने से बचना चाहिए। साथ ही समय-समय पर ऐप्स की समीक्षा कर संदिग्ध एप्लिकेशन को हटाना भी आवश्यक है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसकी प्रामाणिकता, डेवलपर की जानकारी और मांगी गई अनुमतियों की सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि किसी एप्लिकेशन की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हों, तो उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।





