Saturday, January 31, 2026

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बीजापुर में सुरक्षा बलों की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: मुठभेड़ में छह नक्सली ढेर; मारे गए चार माओवादियों पर था 20 लाख का इनाम, मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद

बीजापुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में जवानों ने छह नक्सलियों को मार गिराने में सफलता हासिल की है। मारे गए नक्सलियों में चार ऐसे इनामी माओवादी शामिल हैं, जिनकी तलाश पुलिस को लंबे समय से थी और उन पर कुल मिलाकर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह मुठभेड़ बीजापुर के सीमावर्ती और दुर्गम जंगली इलाकों में उस समय हुई जब सुरक्षा बल एक विशेष सर्च ऑपरेशन (तलाशी अभियान) पर निकले थे। बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने पुष्टि की है कि सभी छह नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं और क्षेत्र में अभी भी तलाशी अभियान जारी है ताकि अन्य छिपे हुए नक्सलियों को पकड़ा जा सके।

कैसे हुई मुठभेड़ और ऑपरेशन का ब्यौरा

यह सफल ऑपरेशन डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और कोबरा (CoBRA) बटालियन के संयुक्त प्रयास का परिणाम है:

  • सटीक खुफिया जानकारी: सुरक्षा बलों को इनपुट मिला था कि भैरमगढ़ और उसूर इलाके के जंगलों में नक्सलियों की एक बड़ी टुकड़ी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए जुटी है।
  • घेराबंदी: इनपुट के आधार पर जवानों ने रात के अंधेरे में नक्सलियों के ठिकाने की घेराबंदी शुरू की। सुबह होते ही नक्सलियों ने जवानों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला।
  • जवाबी कार्रवाई: करीब 3 से 4 घंटे तक चली इस भीषण मुठभेड़ के बाद नक्सली पीछे हटने पर मजबूर हो गए। जब इलाके की सर्चिंग की गई, तो वहां छह वर्दीधारी नक्सलियों के शव पड़े मिले।

इनामी नक्सलियों का खात्मा: सुरक्षा बलों की बड़ी जीत

मारे गए नक्सलियों में संगठन के शीर्ष कैडर के सदस्य शामिल थे, जो कई बड़ी वारदातों में वांछित थे:

  1. इनाम की राशि: पुलिस के अनुसार, मारे गए चार नक्सलियों पर क्रमशः 5-5 लाख रुपये (कुल 20 लाख) का इनाम था। ये नक्सली आईईडी ब्लास्ट और पुलिस पार्टी पर हमलों के मास्टरमाइंड माने जाते थे।
  2. हथियारों का जखीरा: मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं, जिनमें एक AK-47 राइफल, दो इंसास राइफल, देशी कट्टे, भारी मात्रा में विस्फोटक और दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल है।

मुख्यमंत्री और डीजीपी ने थपथपाई जवानों की पीठ

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इस सफल अभियान के लिए सुरक्षा बलों के साहस की सराहना की है:

  • नक्सलवाद पर प्रहार: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नक्सलवाद के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है और ‘नियत नेल्लानार’ जैसी योजनाओं के साथ-साथ सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नक्सलियों के पैर उखड़ रहे हैं।
  • शून्य सहिष्णुता की नीति: डीजीपी ने स्पष्ट किया कि जवानों की रणनीति अब रक्षात्मक होने के बजाय ‘प्रोएक्टिव’ (आक्रामक) है, जिससे नक्सलियों के गढ़ में घुसकर उन पर प्रहार किया जा रहा है।

 

बीजापुर की यह मुठभेड़ नक्सलियों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने अपने प्रमुख और अनुभवी लड़ाकों को खो दिया है। हाल के महीनों में सुरक्षा बलों द्वारा बढ़ाए गए दबाव के कारण नक्सलियों का सूचना तंत्र और रसद आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालांकि, मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बल अभी भी हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि नक्सली अक्सर ऐसी हार के बाद जवाबी हमले (Ambush) की कोशिश करते हैं।

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