बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस पार्टी ने राज्यव्यापी जन आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी 17 अगस्त से विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं के साथ मिलकर ‘वोट अधिकार यात्रा’ की शुरुआत करेंगे। यह यात्रा मतदाता सूची में कथित हेराफेरी और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ संघर्ष को जन आंदोलन का रूप देने के लिए आयोजित की जा रही है।
कांग्रेस महासचिव एवं संगठन प्रभारी के.सी. वेणुगोपाल ने बुधवार को इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए कहा,
“हम लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई सड़कों पर लड़ेंगे। राहुल गांधी की यह यात्रा पूरे बिहार में मतदाताओं को उनके अधिकारों के लिए जागरूक करेगी।”
उन्होंने बताया कि यात्रा की तैयारियों और समन्वय की समीक्षा के लिए उन्होंने सासाराम में इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ बैठक की। यात्रा 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में एक विशाल जनसभा के साथ संपन्न होगी।
कांग्रेस का अगला कार्यक्रम
कांग्रेस ने इस आंदोलन को तीन चरणों में आगे बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया है—
- 14 अगस्त — स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सभी जिला मुख्यालयों में ‘लोकतंत्र बचाओ मशाल मार्च’ निकाला जाएगा।
- 22 अगस्त से 7 सितंबर — सभी राज्य मुख्यालयों में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’ रैलियां आयोजित होंगी।
- 15 सितंबर से 15 अक्टूबर — मतदान के अधिकार की रक्षा और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्यव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
कांग्रेस का दावा है कि ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उनके लिए “करो या मरो” जैसा है, और इसके लिए पूरे देश में विपक्षी दल एकजुट हैं।
कन्हैया कुमार, जो भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के एआईसीसी प्रभारी हैं, ने कहा,
“यह लड़ाई सिर्फ बिहार की नहीं, बल्कि पूरे भारत के लोकतांत्रिक भविष्य की है।”





