पटना।
बिहार विधानसभा चुनाव और सात राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। चुनाव में धनबल, शराब, नशीले पदार्थों और मुफ्तखोरी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए आयोग ने व्यापक निगरानी व्यवस्था लागू की है।
आयोग ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में व्यय पर्यवेक्षकों (Expenditure Observers) की तैनाती कर दी है, जो उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर सतर्क निगाह रखेंगे। आयोग का कहना है कि मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे या अन्य प्रलोभन के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तीन दिन में 33.97 करोड़ की जब्ती
चुनाव आयोग ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद से अब तक प्रवर्तन एजेंसियों ने कुल 33.97 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, शराब, नशीले पदार्थ और मुफ्त सामान जब्त किए हैं। यह कार्रवाई चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद सिर्फ तीन दिनों के भीतर की गई है।
आयोग के अनुसार, उड़न दस्ते, निगरानी दल और वीडियो निगरानी टीमों को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। ये दल मतदान क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नकद वितरण या मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।
व्यय निगरानी पर विशेष ध्यान
आयोग ने बताया कि व्यय पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं और सभी व्यय निगरानी टीमों के साथ समन्वय कर रहे हैं। ये अधिकारी उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की सीमा, प्रचार सामग्री, वाहनों के उपयोग और जनसभाओं में होने वाले खर्च की बारीकी से निगरानी करेंगे।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध धन के प्रवाह को रोकने के लिए आयकर, सीमा शुल्क, जीएसटी, नारकोटिक्स, और आबकारी विभागों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।
बिहार में एनडीए ने किया सीट बंटवारा
इधर, बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सीट बंटवारे का ऐलान कर दिया है। समझौते के तहत भाजपा और जेडीयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें, राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6 सीटें और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को 6 सीटें दी गई हैं।
कड़ा मुकाबला और नए खिलाड़ी
बिहार में इस बार एनडीए का मुकाबला तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक से होगा, जिसमें राजद, कांग्रेस, भाकपा (माले), भाकपा, माकपा और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। इसके साथ ही इस चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के रूप में एक नया राजनीतिक खिलाड़ी भी मैदान में उतरने जा रहा है।
आयोग का संदेश: निष्पक्ष चुनाव ही प्राथमिकता
चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि उसकी प्राथमिकता निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त चुनाव कराना है। आयोग ने चेतावनी दी है कि मतदाताओं को प्रभावित करने, धन के दुरुपयोग या आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में दो चरणों में होने वाले चुनावों के साथ-साथ उपचुनावों के लिए की जा रही इस सख्त निगरानी से आयोग ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि इस बार “पैसा और प्रभाव” नहीं, बल्कि “पारदर्शिता और नियम” ही तय करेंगे लोकतंत्र की दिशा।





